×

पानी पीने के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास? शरीर के इस संकेत को समझना जरूरी, जानें 6 संभावित वजहें
 

 

प्यास लगना शरीर का बिल्कुल सामान्य संकेत है। गर्मी में ज्यादा समय बिताने, पसीना आने या एक्सरसाइज करने के बाद शरीर को पानी की जरूरत बढ़ जाती है और पानी पीने से आमतौर पर प्यास शांत हो जाती है। लेकिन अगर पानी पीने के कुछ ही देर बाद फिर गला सूखने लगे या बार-बार पानी पीने का मन करे, तो इसे हमेशा सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार प्यास लगने के पीछे सिर्फ डिहाइड्रेशन ही कारण नहीं होता। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन, ज्यादा पसीना, कुछ दवाएं और कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं। यहां तक कि कम समय में बहुत ज्यादा पानी पीना भी शरीर के फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित कर सकता है।
सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी हैं जरूरी
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सिर्फ पानी ही पर्याप्त नहीं है। सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर कोई व्यक्ति कम समय में बहुत ज्यादा पानी पीता है, तो खून में सोडियम समेत कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा जरूरत से ज्यादा पतली हो सकती है। इससे शरीर का फ्लूइड बैलेंस प्रभावित हो सकता है।
यही वजह है कि हर बार प्यास लगने पर लगातार ज्यादा से ज्यादा पानी पीना जरूरी नहीं है। शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी हो सकता है नुकसानदायक
बहुत ज्यादा पानी कम समय में पीने की स्थिति में हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है, जिसे आम भाषा में वॉटर इंटॉक्सिकेशन भी कहा जाता है। इसमें खून में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम हो सकता है।
सोडियम शरीर के फ्लूइड बैलेंस के लिए जरूरी होता है। इसका स्तर बहुत कम होने पर कोशिकाओं में सूजन और शरीर के सामान्य संतुलन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि, यह स्थिति आम नहीं है। इसलिए पानी पीने के बाद कभी-कभार प्यास लगने को सीधे हाइपोनेट्रेमिया से जोड़ना सही नहीं होगा। चिंता तब ज्यादा होनी चाहिए जब असामान्य रूप से ज्यादा पानी पीने के साथ लगातार प्यास या दूसरे परेशान करने वाले लक्षण भी मौजूद हों।
गर्मी और एक्सरसाइज के बाद ज्यादा क्यों लगती है प्यास?
तेज गर्मी में रहने या एक्सरसाइज के दौरान शरीर से पसीने के जरिए पानी के साथ कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकलते हैं। ऐसे में केवल पानी पीने के बाद भी कुछ समय तक प्यास महसूस हो सकती है।
गर्म मौसम में शरीर की फ्लूइड जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा हो सकती है। इसलिए ज्यादा पसीना आने के बाद प्यास बढ़ना अक्सर शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है।
पानी पीने के बावजूद मुंह सूखने की एक वजह दवाएं भी
कुछ दवाएं शरीर में फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित कर सकती हैं। खासकर ऐसी दवाएं जो शरीर से ज्यादा तरल बाहर निकालती हैं, उनके इस्तेमाल से प्यास या मुंह सूखने की समस्या बढ़ सकती है।
अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद लगातार प्यास बढ़ गई है, तो खुद से दवा बंद करना सही नहीं है। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
क्या हर तरह का पानी एक जैसा हाइड्रेशन देता है?
पानी शरीर में तरल की कमी को पूरा करने का सबसे अहम जरिया है, लेकिन अलग-अलग पानी में मिनरल्स की मात्रा अलग हो सकती है। कुछ पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे प्राकृतिक मिनरल्स मौजूद होते हैं, जबकि कुछ में इनकी मात्रा कम हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ पानी में मौजूद मिनरल्स की मात्रा को लगातार प्यास लगने की एकमात्र वजह मानना सही नहीं होगा। शरीर की हाइड्रेशन जरूरत व्यक्ति की गतिविधि, मौसम, खान-पान और स्वास्थ्य जैसी कई चीजों पर निर्भर करती है।
कब लगातार प्यास को गंभीरता से लेना चाहिए?
गर्मी, पसीना या शारीरिक मेहनत के बाद प्यास लगना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार बहुत ज्यादा प्यास लग रही है और पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर जब यह समस्या लगातार बनी रहे या इसके साथ शरीर में कोई और असामान्य बदलाव भी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। ऐसी स्थिति में सिर्फ बार-बार पानी पीते रहना सही समाधान नहीं माना जा सकता।
शरीर के संकेत को समझना जरूरी
प्यास शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन हर बार इसका मतलब केवल पानी की कमी नहीं होता। गर्मी और एक्सरसाइज से लेकर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, दवाओं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं तक कई कारण लगातार प्यास के पीछे हो सकते हैं।
इसलिए अगर प्यास सामान्य परिस्थितियों में भी बार-बार लौट रही है, तो कारण समझने पर ध्यान दें और समस्या लगातार रहने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।