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साथ रहते हैं, लेकिन खाते हैं अलग-अलग खाना! क्या है कपल्स का ‘फूड डिवोर्स’ ट्रेंड?

 

किसी भी खुशहाल रिश्ते में प्यार जताने के लिए बड़े-बड़े काम करना जरूरी नहीं होता। कई बार पार्टनर के लिए उसकी पसंद का खाना बनाना या साथ बैठकर खाना खाने जैसी छोटी-छोटी चीजें भी रिश्ते को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। साथ में खाना बनाना, नई डिश ट्राई करना और किचन में वक्त बिताना कपल्स को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने का मौका भी देता है।

हालांकि, हर कपल की खाने की पसंद एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। एक पार्टनर फिटनेस पर ध्यान देते हुए लो-कैलोरी या हाई-प्रोटीन डाइट लेना पसंद कर सकता है, जबकि दूसरा अपनी पसंद के मुताबिक खाना खाना चाहता है। ऐसे में रोजाना यह तय करना कि आज क्या बनेगा और कौन क्या खाएगा, कई बार बहस की वजह बन जाता है।

इसी समस्या से बचने के लिए इन दिनों एक रिलेशनशिप ट्रेंड की चर्चा हो रही है, जिसे ‘फूड डिवोर्स’ (Food Divorce) कहा जाता है। नाम भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन इसका मतलब रिश्ते का टूटना बिल्कुल नहीं है।

क्या होता है ‘फूड डिवोर्स’?

फूड डिवोर्स का मतलब ऐसे कपल्स से है जो साथ रहते हैं, लेकिन अपनी-अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक अलग-अलग खाना खाते हैं। यानी दोनों एक ही घर में रह सकते हैं, एक साथ टेबल पर बैठ सकते हैं, लेकिन प्लेट में खाना अलग हो सकता है।

इस ट्रेंड का मकसद खाने को लेकर होने वाली रोजमर्रा की बहस को कम करना है। कई कपल्स के बीच अक्सर इस बात पर चर्चा या बहस होती है कि आज क्या बनाया जाए, किसे क्या खाना है या किसकी पसंद को प्राथमिकता दी जाए। जब यही बातें बार-बार तनाव का कारण बनने लगती हैं, तो अलग-अलग खाना एक आसान विकल्प बन सकता है।

इसका मतलब यह नहीं कि साथ खाना बंद कर दें

फूड डिवोर्स का मतलब यह नहीं है कि पार्टनर हमेशा अलग-अलग बैठकर खाना खाएं। कपल्स अपनी सुविधा के अनुसार कभी साथ खाना बना सकते हैं, साथ में डिनर कर सकते हैं या किसी खास मौके पर एक ही डिश शेयर कर सकते हैं।

असल में, रिश्ते में हर काम साथ करना जरूरी नहीं होता। एक-दूसरे की पसंद, जरूरत और निजी आजादी का सम्मान करना भी स्वस्थ रिश्ते का हिस्सा है।

कपल्स के बीच क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?

आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतें काफी अलग हो सकती हैं। कोई वजन कम करने के लिए कैलोरी कम कर रहा है, तो कोई जिम और फिटनेस के लिए हाई-प्रोटीन डाइट ले रहा है। वहीं, दूसरा पार्टनर सामान्य या अपनी पसंद का खाना खाना चाहता है।

ऐसे में हर दिन एक ही तरह का खाना खाने की मजबूरी दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। फूड डिवोर्स के जरिए कपल्स बिना किसी पर अपनी पसंद थोपे अपनी जरूरत के मुताबिक खाना चुन सकते हैं।

इससे खाने को लेकर होने वाले छोटे-छोटे विवाद कम हो सकते हैं और दोनों पार्टनर्स को अपनी पसंद का खाना खाने की आजादी मिलती है। हालांकि, किसी भी रिश्ते में यह जरूरी है कि खाने को लेकर अलग पसंद होने के बावजूद बातचीत, सम्मान और साथ बिताया जाने वाला समय बना रहे।