सूखे और मुरझाए पौधों में जान फूंक देगी 'चाय पत्ती की खाद', गमलों में भर-भरकर आएंगे फल और फूल
भारत में चाय पीने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। ज्यादातर घरों में दिन में दो या उससे ज्यादा बार चाय बनती है और चाय तैयार होने के बाद बची हुई पत्ती को अक्सर कूड़े में फेंक दिया जाता है। लेकिन अगर आप घर में पौधे लगाते हैं तो इस बची हुई चाय पत्ती का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा के मुताबिक, इस्तेमाल की गई चाय पत्ती को सही तरीके से तैयार करने के बाद पौधों के लिए खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसे सीधे गमले की मिट्टी में डालने से पहले अच्छी तरह साफ और सुखाना जरूरी है।
चाय पत्ती की खाद कैसे तैयार करें?
सबसे पहले चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को छन्नी में निकाल लें। इसे बहते पानी से अच्छी तरह धोएं, ताकि इसमें मौजूद दूध, चीनी और अदरक जैसी चीजों के अवशेष निकल जाएं।इसके बाद साफ की गई चाय पत्ती को तेज धूप में करीब एक से दो दिन तक सुखाएं। पत्ती पूरी तरह सूख जाने के बाद ही इसे पौधों में इस्तेमाल करें। बारिश या कम धूप के मौसम में इसे किसी दूसरे सुरक्षित तरीके से भी अच्छी तरह सुखाया जा सकता है।
पौधों में कैसे डालें चाय पत्ती?
पहला तरीका: 10 से 12 इंच के गमले की मिट्टी को थोड़ा सा खोदें और उसमें करीब एक छोटी चम्मच सूखी चाय पत्ती डालें। ध्यान रखें कि इसे पौधे की जड़ से थोड़ी दूरी पर डालें। इसके बाद ऊपर से मिट्टी डालकर ढक दें और हल्का पानी दें।
दूसरा तरीका: एक छोटी चम्मच सूखी चाय पत्ती को करीब एक लीटर पानी में रातभर भिगोकर रखें। अगले दिन इसे छान लें। तैयार पानी को पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कितनी बार करें इस्तेमाल?
चाय पत्ती की खाद का इस्तेमाल रोजाना करने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इसे सीमित मात्रा में और अंतराल के साथ इस्तेमाल करना बेहतर है। करीब 45 दिनों में एक बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
गुलाब, टमाटर, गुड़हल, गेंदा और चमेली जैसे पौधों में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी घरेलू खाद को ज्यादा मात्रा में डालने से पौधों को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।