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एक ही छत के नीचे रहकर भी अजनबी? इन गंभीर संकेतों से समझें क्या है 'साइलेंट डिवोर्स'

 

शादी के रिश्ते में तलाक का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि पति-पत्नी अलग-अलग घरों में रहने लगें। कई बार कपल एक ही छत के नीचे रहते हुए भी भावनात्मक रूप से एक-दूसरे से काफी दूर हो जाते हैं। उनके बीच कोई बड़ा झगड़ा नहीं होता, कानूनी तौर पर वे अलग नहीं होते और न ही अलग होने की बात करते हैं, लेकिन रिश्ते में पहले जैसी नजदीकी और अपनापन धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। इसी स्थिति को आम बोलचाल में 'साइलेंट डिवोर्स' कहा जाता है।

इसमें पति-पत्नी एक साथ रहते हुए भी एक-दूसरे के लिए सिर्फ जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित हो सकते हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो रिश्ते में भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है और कुछ मामलों में कपल बाद में कानूनी तलाक के बारे में भी सोचने लगते हैं।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई बार दोनों को पता ही नहीं चलता कि उनके रिश्ते में दूरी कब बढ़ने लगी। इसलिए कुछ संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है।

बातचीत सिर्फ जरूरतों तक सीमित हो जाना

रिश्ते में बातचीत कम होना सबसे अहम संकेतों में से एक हो सकता है। अगर पति-पत्नी एक ही घर में रहते हैं, लेकिन उनकी बातचीत सिर्फ बच्चों, घर के खर्च, बिल, ऑफिस या दूसरी जरूरी जिम्मेदारियों तक सीमित हो गई है, तो इस पर ध्यान देना चाहिए।

एक-दूसरे से दिन कैसा रहा, क्या अच्छा या बुरा हुआ, किस बात की चिंता है या किस चीज ने खुश किया जैसी बातें न होना भावनात्मक दूरी का संकेत हो सकता है।

रिश्ते में सिर्फ साथ रहना ही काफी नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के अनुभव और भावनाओं को सुनना भी जरूरी है।

प्यार और इंटीमेसी में कमी

रिश्ते में नजदीकी सिर्फ शारीरिक संबंधों तक सीमित नहीं होती। एक-दूसरे को गले लगाना, प्यार से बात करना, तारीफ करना, साथ समय बिताना और छोटी-छोटी चीजों में अपनापन दिखाना भी रिश्ते को मजबूत बनाता है।

अगर पहले के मुकाबले ये चीजें लगातार कम हो गई हैं और दोनों एक-दूसरे के साथ समय बिताने से बचने लगे हैं, तो यह रिश्ते में बढ़ती दूरी का संकेत हो सकता है।

कई बार पति-पत्नी एक ही कमरे में रहते हुए भी ऐसा महसूस करने लगते हैं जैसे वे पति-पत्नी नहीं बल्कि सिर्फ रूममेट हों।

झगड़े भी पूरी तरह खत्म हो जाना

हर रिश्ते में मतभेद और छोटी-मोटी नोकझोंक सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर दोनों के बीच किसी बात को लेकर चर्चा या असहमति भी नहीं होती और एक-दूसरे के फैसलों से कोई फर्क ही नहीं पड़ता, तो यह भी ध्यान देने वाली स्थिति है।

कई बार कपल इसलिए अपनी बात कहना बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बातचीत करने से झगड़ा हो जाएगा। ऐसे में समस्याएं खत्म नहीं होतीं, बल्कि धीरे-धीरे दबती रहती हैं और भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है।

एक-दूसरे के बजाय बाहर अपनापन तलाशना

अगर घर में रहते हुए लगातार अकेलापन महसूस होने लगे और आपको दोस्तों, सोशल मीडिया या किसी अन्य व्यक्ति के साथ बातचीत में अपने पार्टनर से ज्यादा जुड़ाव महसूस होने लगे, तो रिश्ते पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।

इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि रिश्ता खत्म हो चुका है। यह एक संकेत हो सकता है कि दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को फिर से मजबूत करने की जरूरत है।

रिश्ते में प्रयास करना जरूरी

शादी को मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ साथ रहना पर्याप्त नहीं होता। एक-दूसरे के साथ बातचीत करना, समय बिताना, भावनाओं को समझना और समस्याओं पर खुलकर बात करना भी जरूरी है।

अगर आपको अपने रिश्ते में लगातार भावनात्मक दूरी, अकेलापन या बातचीत की कमी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय पार्टनर से शांत तरीके से बात करने की कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर कपल काउंसलिंग या किसी योग्य प्रोफेशनल की मदद भी ली जा सकती है।

ध्यान रखें, ऊपर बताए गए संकेत अपने आप में यह साबित नहीं करते कि किसी रिश्ते में 'साइलेंट डिवोर्स' चल रहा है। हर कपल की परिस्थितियां अलग होती हैं। लेकिन अगर ये बदलाव लंबे समय से बने हुए हैं और रिश्ते में परेशानी पैदा कर रहे हैं, तो समय रहते इस पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।