Stomach Gurgling: पेट में बार-बार क्यों आती है गुड़गुड़ की आवाज? जानिए वजह और कब सावधान होना चाहिए
पेट से गुड़गुड़ या गुर्र-गुर्र की आवाज आना काफी सामान्य है। अक्सर भूख लगने के दौरान यह आवाज ज्यादा सुनाई देती है, लेकिन इसका मतलब हमेशा भूख लगना ही नहीं होता। शरीर के अंदर पाचन तंत्र लगातार सक्रिय रहता है और पेट व आंतों की मांसपेशियों की हलचल से भी ऐसी आवाजें पैदा हो सकती हैं। कई बार ये आवाजें इतनी तेज होती हैं कि आसपास बैठे लोगों को भी सुनाई देने लगती हैं।
पेट से आवाज आखिर क्यों आती है?
पेट और आंतों में भोजन को आगे बढ़ाने का काम लगातार चलता रहता है। पाचन के दौरान मांसपेशियां सिकुड़कर भोजन, तरल पदार्थ और गैस को आंतों में आगे की ओर ले जाती हैं। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को पेरिस्टालसिस कहा जाता है।
पेट खाली होने पर भी आंतों की गतिविधियां बंद नहीं होतीं। इस दौरान गैस और तरल पदार्थ जब आंतों के भीतर आगे बढ़ते हैं तो उनकी हलचल से गुड़गुड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दे सकती है।
खाली पेट में आवाज ज्यादा क्यों सुनाई देती है?
जब पेट में खाना मौजूद होता है तो वह अंदर होने वाली हलचल की आवाज को कुछ हद तक कम कर देता है। इसके विपरीत खाली पेट में भोजन कम होने के कारण आंतों की गतिविधियों की आवाज ज्यादा स्पष्ट सुनाई देती है।
भूख के समय शरीर में होने वाले कुछ हार्मोनल बदलाव भी पाचन तंत्र की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि कई लोगों को लंबे समय तक कुछ न खाने पर पेट में ज्यादा हलचल या गुड़गुड़ महसूस होती है।
गैस और गलत खान-पान भी हो सकता है कारण
पेट की आवाज बढ़ने के पीछे गैस भी एक सामान्य कारण है। खाना खाते समय ज्यादा हवा निगलना, बहुत तेजी से खाना या कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना जिनसे गैस बनती है, आंतों में हवा की मात्रा बढ़ा सकता है।
जब गैस आंतों के अंदर घूमती है तो उससे आवाज पैदा हो सकती है। इसके अलावा कब्ज, अपच और खान-पान में अचानक बदलाव होने पर भी आंतों की गतिविधि बदल सकती है और पेट में सामान्य से ज्यादा गुड़गुड़ सुनाई दे सकती है।
कब पेट की गुड़गुड़ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
सिर्फ पेट से आवाज आने पर आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे और इसके साथ तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त या मल त्याग में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अगर पेट की आवाज के साथ दर्द काफी ज्यादा हो रहा है या पाचन संबंधी दूसरी परेशानियां लगातार बनी हुई हैं, तो इसे केवल भूख की वजह मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
पेट को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
पाचन तंत्र को बेहतर रखने के लिए कुछ सामान्य आदतों पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है। खाना जल्दबाजी में खाने के बजाय धीरे-धीरे खाएं और उसे अच्छी तरह चबाएं। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें।
इसके साथ ही संतुलित आहार लें और रोजाना कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि जरूर करें। अगर पेट में गुड़गुड़ के साथ कोई गंभीर या लगातार बना रहने वाला लक्षण दिखाई दे, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।