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दोस्तों के साथ एडल्ट जोक्स पर नीना गुप्ता की दो टूक सलाह: जानिए एक्ट्रेस ने क्यों उठाये इस पर सवाल

 

दोस्ती का रिश्ता सिर्फ साथ बैठकर चाय पीने, घूमने या हंसी-मजाक करने तक सीमित नहीं होता। सच्ची दोस्ती वह रिश्ता है, जहां इंसान बिना किसी झिझक के अपने दिल की बात सामने रख सकता है। दोस्तों के बीच अक्सर मजाक और हंसी-ठिठोली होती रहती है। कई बार इस दौरान नॉन-वेज जोक्स भी किए जाते हैं, जिन्हें लोग आमतौर पर मजाक का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस नीना गुप्ता की इस तरह के मजाक को लेकर अलग राय है।

नॉन-वेज जोक्स को लेकर नीना गुप्ता ने कही बेबाक बात

नीना गुप्ता अपनी बेबाक और स्पष्ट राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दोस्तों के बीच होने वाले नॉन-वेज जोक्स को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। नीना ने साफ कहा कि उन्हें इस तरह के जोक्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं।

एक्ट्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मजाक में अक्सर महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है। खासतौर पर मां-बहन से जुड़ी गालियों या बातों के जरिए महिलाओं को बीच में लाया जाता है। उनका सवाल है कि आखिर ऐसे मजाक में पुरुषों या परिवार के दूसरे सदस्यों को ही क्यों नहीं निशाना बनाया जाता?

नीना गुप्ता की बात का इशारा इसी ओर था कि मजाक के नाम पर महिलाओं को बार-बार टारगेट करना सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी तरह का मजाक ऐसा नहीं होना चाहिए जिसमें किसी खास वर्ग या खास तौर पर महिलाओं को अपमानित किया जाए।

अपनी बेबाकी को लेकर भी किया खुलासा

इंटरव्यू के दौरान नीना गुप्ता ने अपने करियर और व्यक्तित्व को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने माना कि उनकी बेबाकी कई बार उनके करियर के लिए नुकसानदायक भी साबित हुई।

नीना ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कलाकार के व्यक्तित्व के हिसाब से ही उन्हें भूमिकाएं मिलने लगती हैं। उनके मुताबिक, एक स्ट्रॉन्ग और बेबाक महिला की छवि के चलते उन्हें कई बार नेगेटिव या साइड रोल तक सीमित कर दिया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि 'चोली के पीछे' गाने के बाद उन्हें एक खास तरह की भूमिकाओं में टाइपकास्ट किए जाने का अनुभव हुआ। यानी एक बार जिस तरह की छवि दर्शकों और इंडस्ट्री के बीच बन गई, उसके बाद उन्हें उसी तरह के किरदार ज्यादा मिलने लगे।

दोस्तों को बताया जिंदगी का 'खजाना'

नीना गुप्ता ने बातचीत के दौरान दोस्ती की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोस्त इंसान के बुढ़ापे का खजाना होते हैं। उनके मुताबिक, जिंदगी में दोस्तों की मौजूदगी मानसिक तौर पर मजबूत बनाए रखने में काफी मदद करती है।

एक्ट्रेस का मानना है कि अगर इंसान अपने मन की बातें लगातार दबाकर रखता है तो वह अंदर ही अंदर परेशान होने लगता है। ऐसे में करीबी दोस्तों के साथ खुलकर बातचीत करना, अपनी परेशानियां साझा करना और हंसी-मजाक करना जरूरी है।

नीना ने कहा कि जिंदगी में कई ऐसी बातें होती हैं जिन्हें इंसान अपने परिवार के साथ भी साझा नहीं कर पाता, लेकिन किसी भरोसेमंद दोस्त के सामने वह आसानी से अपने दिल की बात रख देता है। यही वजह है कि उनके लिए दोस्ती सिर्फ मौज-मस्ती का रिश्ता नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारे का भी एक महत्वपूर्ण जरिया है।