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फ्रिज की सब्जी वाली ट्रे में बार-बार भर रहा है पानी? नजरअंदाज न करें, इन 7 वजहों से हो सकती है परेशानी
 

 

फ्रिज की सब्जियों वाली ट्रे के नीचे पानी जमा होना कई घरों में देखने को मिलता है। अक्सर लोग इसे सब्जियों से निकला पानी समझकर साफ कर देते हैं और बात खत्म हो जाती है। लेकिन अगर पानी बार-बार जमा हो रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।
दरअसल, इसके पीछे फ्रिज का ड्रेनेज सिस्टम, दरवाजे की रबर सील, गलत तापमान सेटिंग या अंदर जरूरत से ज्यादा नमी जैसी कई वजहें हो सकती हैं। राहत की बात यह है कि कुछ मामलों में छोटी-सी जांच और सफाई से समस्या घर पर ही ठीक हो सकती है।
1. सबसे पहले फ्रिज का ड्रेन होल देखें
सब्जियों की ट्रे के नीचे पानी जमा होने की सबसे आम वजह ड्रेन होल का ब्लॉक होना हो सकती है। फ्रिज के अंदर पीछे की तरफ एक छोटा सा छेद होता है, जिससे डीफ्रॉस्ट के दौरान बनने वाला पानी बाहर निकलता है।
अगर इस छेद में खाने के टुकड़े, धूल या बर्फ जम जाए, तो पानी बाहर निकलने के बजाय फ्रिज के अंदर जमा होने लगता है और आखिरकार सब्जियों की ट्रे के नीचे दिखाई देता है।
फ्रिज को सुरक्षित तरीके से बंद करने के बाद ड्रेन होल के आसपास की गंदगी साफ की जा सकती है। हल्के गुनगुने पानी से रास्ता साफ करने में मदद मिल सकती है। अगर वहां बर्फ जमी हो, तो उसे चाकू या किसी नुकीली चीज से हटाने की कोशिश न करें।
2. दरवाजे की रबर सील में तो नहीं है खराबी?
फ्रिज का दरवाजा अगर पूरी तरह सील नहीं हो रहा है, तो बाहर की गर्म और नम हवा लगातार अंदर जा सकती है। ठंडी सतह के संपर्क में आने पर यह नमी पानी की बूंदों में बदल सकती है।
दरवाजे के चारों तरफ लगी रबर सील को ध्यान से देखें। अगर वह गंदी, ढीली, फटी या अपनी जगह से मुड़ी हुई है, तो फ्रिज ठीक से बंद नहीं होगा।
सील को हल्के साबुन और पानी से साफ करके देखें। एक आसान पेपर टेस्ट भी किया जा सकता है। दरवाजे और रबर के बीच कागज रखकर दरवाजा बंद करें। अगर कागज बिना किसी रुकावट के आसानी से निकल जाता है, तो सील कमजोर हो सकती है।


3. तापमान की सेटिंग भी कर सकती है परेशान
फ्रिज का तापमान बहुत कम या बहुत ज्यादा होना भी पानी या बर्फ जमने की वजह बन सकता है। आमतौर पर फ्रिज के अंदर का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस रखना उचित माना जाता है।
बहुत कम तापमान पर कुछ हिस्सों में बर्फ जम सकती है और बाद में उसके पिघलने पर पानी नीचे पहुंच सकता है। दूसरी ओर, बहुत ज्यादा तापमान पर कूलिंग और नमी नियंत्रण प्रभावित हो सकता है।
इसलिए सबसे पहले फ्रिज की तापमान सेटिंग जरूर चेक करें।
4. गर्म खाना सीधे फ्रिज में रखने की आदत छोड़ें
अगर आप गर्म खाना तुरंत फ्रिज में रख देते हैं, तो इससे अंदर नमी बढ़ सकती है। गर्म खाने से निकलने वाली भाप ठंडी होकर पानी की बूंदों में बदल जाती है।
बार-बार ऐसा होने पर फ्रिज के अंदर कंडेनसेशन बढ़ सकता है और पानी सब्जियों वाली ट्रे के आसपास जमा होने लग सकता है।
खाने को उचित तरीके से ठंडा होने दें और फिर उसे ढककर फ्रिज में रखें। खुले बर्तन रखने से भी फ्रिज के अंदर नमी बढ़ सकती है।
5. फ्रिज को जरूरत से ज्यादा न भरें
फ्रिज में सामान को इस तरह ठूंसकर रखने से कि हवा के लिए जगह ही न बचे, कूलिंग और एयर सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है।
सब्जियों की ट्रे और फ्रिज की पिछली दीवार के बीच पर्याप्त जगह रखना बेहतर है। इसके अलावा एयर वेंट के सामने सामान रखने से बचें, ताकि ठंडी हवा पूरे फ्रिज में सही तरीके से घूम सके।
6. पानी का स्रोत कहीं और तो नहीं?
अगर आपके फ्रिज में वॉटर डिस्पेंसर या आइस मेकर है, तो पानी की पाइप और उसके कनेक्शन भी जरूर देखें।
किसी पाइप या कनेक्शन में मामूली लीकेज होने पर पानी धीरे-धीरे फ्रिज के अंदर पहुंच सकता है और नीचे जमा हो सकता है। ऐसे में सिर्फ ड्रेन होल साफ करने से समस्या खत्म नहीं होगी।
इसलिए यह पता लगाना जरूरी है कि पानी वास्तव में किस हिस्से से आ रहा है।
7. कब समझें कि मैकेनिक की जरूरत है?
अगर ड्रेन होल साफ करने, दरवाजे की सील चेक करने और तापमान सही करने के बावजूद पानी लगातार जमा हो रहा है, तो फ्रिज के अंदर किसी तकनीकी खराबी की संभावना हो सकती है।
ऐसी स्थिति में ड्रेन सिस्टम, डीफ्रॉस्ट सिस्टम, थर्मोस्टेट या पानी की पाइपलाइन में समस्या हो सकती है। इसे खुद खोलकर ठीक करने के बजाय किसी योग्य तकनीशियन से जांच करवाना बेहतर रहेगा।
पानी दिखे तो सिर्फ पोंछकर न छोड़ें
फ्रिज की सब्जियों वाली ट्रे के नीचे एक-दो बार पानी दिखाई देना हमेशा बड़ी खराबी का संकेत नहीं होता। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसकी वजह तलाशना जरूरी है।
सबसे पहले ड्रेन होल, दरवाजे की रबर सील, तापमान सेटिंग, एयर सर्कुलेशन और संभावित पानी के लीकेज को चेक करें। छोटी समस्या समय रहते पकड़ में आ जाए तो आगे होने वाली बड़ी खराबी और महंगी मरम्मत से बचा जा सकता है।