वैक्सिंग कराने जा रही हैं तो जान लें कौन सी वैक्स है आपके लिए सही, चॉकलेट से लेकर ब्राजीलियन तक समझें अंतर
पहले वैक्सिंग कराने के लिए पार्लर में सिर्फ यह बताना होता था कि हाथ-पैर या शरीर के किस हिस्से के बाल हटवाने हैं। लेकिन अब बाजार में वैक्सिंग के कई विकल्प मौजूद हैं। हनी वैक्स, चॉकलेट वैक्स, फ्रूट वैक्स, व्हाइट चॉकलेट वैक्स और ब्राजीलियन वैक्स जैसे नाम सुनकर कई बार महिलाएं कंफ्यूज हो जाती हैं कि आखिर उनके लिए कौन सी वैक्स बेहतर रहेगी।
दरअसल, हर तरह की वैक्स का इस्तेमाल शरीर के अलग-अलग हिस्सों और त्वचा की जरूरत के हिसाब से किया जाता है। कुछ वैक्स बड़े हिस्सों जैसे हाथ-पैर के बाल हटाने के लिए इस्तेमाल होती हैं, जबकि कुछ चेहरे, अंडरआर्म और बिकिनी एरिया जैसे संवेदनशील हिस्सों के लिए बेहतर मानी जाती हैं। वैक्स चुनते समय सिर्फ उसके नाम या खुशबू पर ध्यान देने के बजाय अपनी स्किन टाइप और वैक्स में मौजूद सामग्री को समझना जरूरी है।
1. सॉफ्ट वैक्स: हाथ-पैर के बाल हटाने के लिए बेहतर
सॉफ्ट वैक्स का इस्तेमाल ज्यादातर पार्लर में किया जाता है। यह वैक्स हल्की गर्म करके त्वचा पर लगाई जाती है और फिर वैक्सिंग स्ट्रिप की मदद से हटाया जाता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से शरीर के बड़े हिस्सों जैसे हाथ, पैर, पीठ और पेट के बाल हटाने के लिए किया जाता है।इस प्रक्रिया में वैक्स को बालों की ग्रोथ की दिशा में लगाया जाता है। इसके बाद स्ट्रिप चिपकाकर बालों की उल्टी दिशा में खींचा जाता है। इससे बाल जड़ से निकल जाते हैं। हनी वैक्स और चॉकलेट वैक्स जैसी कई वैरायटी सॉफ्ट वैक्स की श्रेणी में आती हैं।
2. हनी वैक्स: बालों के साथ डेड स्किन हटाने में मददगार
हनी वैक्स को शहद, बीवैक्स, रेजिन और अलग-अलग तरह के तेलों की मदद से तैयार किया जाता है। इसका इस्तेमाल बाल हटाने के साथ त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद डेड स्किन को हटाने के लिए भी किया जाता है।
वैक्सिंग के बाद त्वचा साफ और मुलायम दिखाई दे सकती है। हालांकि, इसमें मौजूद रेजिन और अन्य सामग्री के कारण कुछ लोगों को जलन, खुजली या लालिमा की समस्या हो सकती है। यह वैक्स इस्तेमाल करते समय तापमान का ध्यान रखना भी जरूरी है, क्योंकि ज्यादा गर्म वैक्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।
3. चॉकलेट वैक्स: रूखी त्वचा के लिए अच्छा विकल्प
चॉकलेट वैक्स अपनी खुशबू और खास सामग्री के कारण काफी पसंद की जाती है। इसमें कोकोआ, सोयाबीन ऑयल, स्वीट आलमंड ऑयल, ग्लिसरीन और विटामिन जैसे तत्व इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
ये सामग्री त्वचा को नमी देने में मदद करती हैं। इसलिए सामान्य से रूखी त्वचा वाले लोगों को यह वैक्स पसंद आ सकती है। इसके इस्तेमाल के बाद त्वचा में रूखापन कम महसूस हो सकता है।
हालांकि, चॉकलेट वैक्स की हर वैरायटी संवेदनशील त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं होती। कुछ उत्पादों में रेजिन और कोलोफोनी मौजूद हो सकते हैं, जिनसे एलर्जी या खुजली की परेशानी हो सकती है।
4. व्हाइट चॉकलेट वैक्स: संवेदनशील त्वचा के लिए विकल्प
व्हाइट चॉकलेट वैक्स को कई लोग सेंसिटिव स्किन के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं। इसे बनाने में ग्लिसरीन, वेजिटेबल ऑयल, बीवैक्स, जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुछ रेजिन-फ्री फॉर्मूलेशन त्वचा पर अपेक्षाकृत कम परेशानी पैदा कर सकते हैं। इसकी वजह से वैक्सिंग के दौरान होने वाली असहजता भी कम महसूस हो सकती है।
हालांकि, हर व्हाइट चॉकलेट वैक्स एक जैसी नहीं होती। इसलिए इसे इस्तेमाल करने से पहले उसके इंग्रीडिएंट्स जरूर चेक करें और संवेदनशील त्वचा होने पर पैच टेस्ट करवाएं।
5. फ्रूट वैक्स: त्वचा को पोषण देने का दावा
फ्रूट वैक्स में अलग-अलग फलों के एक्सट्रैक्ट मिलाए जाते हैं। इसे त्वचा को पोषण देने और बाल हटाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाता है। यह सामान्य और कुछ प्रकार की संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।
लेकिन ध्यान रखें कि सिर्फ फ्रूट एक्सट्रैक्ट होने का मतलब यह नहीं है कि वैक्स पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें मौजूद रेजिन, खुशबू और अन्य केमिकल कुछ लोगों की त्वचा में एलर्जी या जलन पैदा कर सकते हैं।
6. हार्ड वैक्स: चेहरे, अंडरआर्म और बिकिनी एरिया के लिए
हार्ड वैक्स को सॉफ्ट वैक्स से अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इसे गर्म करके त्वचा पर थोड़ी मोटी परत में लगाया जाता है। कुछ सेकेंड बाद जब यह ठंडी होकर सख्त हो जाती है, तो इसे बिना किसी स्ट्रिप की मदद से खींचकर हटा दिया जाता है।
इसका इस्तेमाल चेहरे, अंडरआर्म और बिकिनी एरिया जैसे संवेदनशील हिस्सों के बाल हटाने के लिए किया जाता है। यह छोटे और मोटे बालों को पकड़ने में मदद कर सकती है।
हार्ड वैक्स त्वचा के बजाय मुख्य रूप से बालों को पकड़ती है, इसलिए कुछ लोगों को इससे सॉफ्ट वैक्स के मुकाबले कम दर्द महसूस होता है। हालांकि, एक ही जगह बार-बार वैक्स लगाने से त्वचा छिल सकती है या जलन हो सकती है।
7. शुगरिंग वैक्स: घर पर भी कर सकती हैं तैयार
शुगरिंग वैक्स बाल हटाने का एक पुराना तरीका है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से चीनी, नींबू का रस और पानी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसमें वैक्स स्ट्रिप की जरूरत नहीं होती।
इस तकनीक में तैयार पेस्ट को बालों की ग्रोथ की उल्टी दिशा में लगाया जाता है और फिर बालों की दिशा में खींचकर हटाया जाता है। इससे बालों को जड़ से निकालने में मदद मिलती है।
शुगरिंग वैक्स को सामान्य वैक्स की तुलना में कम तापमान पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे बहुत गर्म लगाने पर जलने का खतरा रहता है। नींबू के रस के कारण कुछ लोगों को त्वचा में जलन भी हो सकती है। इसलिए इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
वैक्स चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
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अगर आपकी त्वचा सामान्य है और हाथ-पैर के बाल हटवाने हैं, तो सॉफ्ट वैक्स एक विकल्प हो सकती है।
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रूखी त्वचा के लिए चॉकलेट वैक्स पसंद की जा सकती है।
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संवेदनशील हिस्सों जैसे चेहरे और अंडरआर्म के लिए हार्ड वैक्स पर विचार कर सकती हैं।
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वैक्स खरीदने या लगवाने से पहले उसमें मौजूद सामग्री जरूर चेक करें।
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बहुत गर्म वैक्स का इस्तेमाल न करें, इससे त्वचा जल सकती है।
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पहली बार कोई नई वैक्स इस्तेमाल कर रही हैं तो पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।
ध्यान रखें: कोई भी वैक्स सभी लोगों की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करती। वैक्सिंग से टैनिंग दूर होने या बालों की ग्रोथ हमेशा के लिए कम होने जैसे दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। सही वैक्स का चुनाव आपकी त्वचा, बालों की मोटाई और शरीर के उस हिस्से पर निर्भर करता है जहां आप हेयर रिमूवल करवाना चाहती हैं।