सर्दियां शुरू होने से पहले ऐसे करें गीजर की सफाई, सफेद पपड़ी हटाने और मशीन की लाइफ बढ़ाने के टिप्स
मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है और लोगों ने सर्दियों की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कहीं गर्म कपड़े निकाले जा रहे हैं, तो कहीं रजाई और कंबल तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन इन तैयारियों के बीच घर में इस्तेमाल होने वाले गीजर की देखभाल करना भी जरूरी है।अक्सर लोग गीजर की सफाई पर ध्यान नहीं देते। इसके कारण पानी देर से गर्म हो सकता है, पानी का बहाव कम हो सकता है या मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सर्दियों में गीजर का इस्तेमाल बढ़ने से पहले उसकी जांच और जरूरत के अनुसार सफाई कराना फायदेमंद हो सकता है।
गीजर के अंदर सफेद पपड़ी क्यों जमती है?
गीजर में बार-बार पानी गर्म होने के कारण उसमें मौजूद कैल्शियम और दूसरे खनिज टैंक तथा हीटिंग एलिमेंट पर जमा हो सकते हैं। इसे स्केलिंग कहा जाता है। जिन घरों में हार्ड वाटर आता है, वहां यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है।समय के साथ खनिजों की यह परत गीजर की हीटिंग क्षमता को प्रभावित कर सकती है। कुछ मामलों में पानी गर्म होने में ज्यादा समय लग सकता है और बिजली की खपत भी बढ़ सकती है। टैंक या पाइप में जमाव होने पर पानी का बहाव भी प्रभावित हो सकता है।
गीजर की सफाई कैसे करें?
गीजर की सफाई करने से पहले उसकी सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। इलेक्ट्रिक गीजर में बिजली और पानी दोनों होते हैं, इसलिए इसकी अंदरूनी सफाई सावधानी से करनी चाहिए।
सफाई से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
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गीजर का स्विच बंद करके बिजली की सप्लाई पूरी तरह अलग करें।
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पानी को ठंडा होने दें और जरूरत पड़ने पर पानी की सप्लाई बंद करें।
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टैंक का पानी निकालने से पहले निर्माता के निर्देश पढ़ें। गर्म पानी और दबाव से चोट लग सकती है।
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टैंक, हीटिंग एलिमेंट और अंदरूनी हिस्सों की सफाई के लिए गीजर के मॉडल के अनुसार निर्देश अपनाएं।
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यदि टैंक के अंदर सफेद पपड़ी ज्यादा जमा है, तो प्रशिक्षित टेक्नीशियन से डीस्केलिंग करवाएं।
ध्यान रखें कि गीजर के अंदर सिरका, नींबू का रस या कोई दूसरा घरेलू क्लीनर सीधे डालना हर मॉडल के लिए सुरक्षित नहीं होता। गलत रसायन या गलत तरीके से सफाई करने पर टैंक की परत, सील और दूसरे हिस्से खराब हो सकते हैं। इसलिए निर्माता की अनुमति के बिना ऐसा न करें।सफाई के बाद सभी हिस्सों को सही तरीके से फिट करना और पानी भरकर लीकेज की जांच करना जरूरी है। टैंक पूरी तरह भरने और निर्माता के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित होने की पुष्टि से पहले बिजली चालू न करें।
गीजर की लाइफ बढ़ाने के 4 आसान तरीके
1. समय-समय पर जांच करवाएं: गीजर की सर्विस कितने अंतराल पर करानी है, यह पानी की कठोरता और निर्माता के निर्देशों पर निर्भर करता है। हार्ड वाटर वाले क्षेत्रों में ज्यादा नियमित जांच की जरूरत पड़ सकती है।
2. तापमान जरूरत के अनुसार रखें: तापमान को अनावश्यक रूप से बहुत ज्यादा रखने से बचें। इससे बिजली की खपत और गर्म पानी से जलने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
3. जरूरत न होने पर बंद रखें: इस्तेमाल के बाद गीजर बंद करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, बिजली की बचत गीजर के प्रकार, इन्सुलेशन और इस्तेमाल के तरीके पर भी निर्भर करती है।
4. लीकेज और असामान्य आवाज को नजरअंदाज न करें: पानी टपकने, जलने की गंध, बिजली के झटके या असामान्य आवाज जैसी समस्या दिखाई दे तो गीजर बंद करके विशेषज्ञ से जांच करवाएं।
सर्दियों से पहले गीजर की जांच क्यों जरूरी है?
सर्दियों में गर्म पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे समय में गीजर खराब होने पर परेशानी हो सकती है। इसलिए ठंड ज्यादा बढ़ने से पहले उसकी कार्यक्षमता, पानी के बहाव, लीकेज और इलेक्ट्रिकल कनेक्शन की जांच करवा लेना बेहतर है।