ज्वाइंट होम लोन लेने जा रहे हैं! तो इससे पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
रत में हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो, एक ऐसी जगह जिसे वह 'अपना आशियाना' कह सके। लेकिन आज के दौर में घर खरीदना इतना आसान नहीं है। रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतें और लोगों की सीमित आमदनी इस सपने को साकार करने में बड़ी बाधा बनती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं।
लेकिन अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर खराब हो या उसकी इनकम बैंक की न्यूनतम पात्रता के अनुसार पर्याप्त न हो, तो उसे लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक विकल्प जो इस कठिनाई को आसान बना सकता है, वह है — ज्वाइंट होम लोन। आइए विस्तार से समझते हैं कि ज्वाइंट होम लोन क्या होता है, कैसे इसके लिए आवेदन किया जा सकता है और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं।
क्या होता है ज्वाइंट होम लोन?
ज्वाइंट होम लोन एक ऐसा लोन होता है जिसे दो या दो से अधिक लोग मिलकर लेते हैं। इसमें सभी आवेदनकर्ता (co-applicants या co-borrowers) लोन की जिम्मेदारी साझा करते हैं। बैंक लोन की राशि तय करते समय सभी आवेदकों की आमदनी, क्रेडिट स्कोर, और अन्य वित्तीय विवरणों को ध्यान में रखते हैं। यह लोन खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है जिनकी व्यक्तिगत आय या क्रेडिट स्कोर पर्याप्त नहीं होता।
कौन ले सकता है ज्वाइंट होम लोन?
ज्वाइंट होम लोन लेने के लिए आमतौर पर निम्नलिखित रिश्तों वाले लोग पात्र होते हैं:
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पति और पत्नी
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माता-पिता और बेटा
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भाई और भाई (कुछ बैंकों में)
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बेटा और अविवाहित बेटी (कुछ शर्तों के साथ)
ध्यान देने वाली बात यह है कि को-बॉरोअर का को-ओनर होना आवश्यक नहीं है, लेकिन यह स्थिति लोन की प्रक्रिया को आसान बना सकती है।
ज्वाइंट होम लोन के फायदे
1. बढ़ जाती है लोन लेने की क्षमता
यदि किसी एक व्यक्ति की आमदनी होम लोन के लिए पर्याप्त नहीं है, तो वह अपने किसी परिजन को को-बॉरोअर बनाकर ज्यादा लोन राशि के लिए आवेदन कर सकता है। दो या अधिक लोगों की आय मिलकर बैंक को आश्वस्त करती है कि लोन चुकता किया जा सकता है।
2. कम होता है ब्याज दर का दबाव
कुछ बैंकों द्वारा ज्वाइंट लोन पर थोड़ी कम ब्याज दर ऑफर की जाती है, खासतौर पर तब जब महिला को को-बॉरोअर बनाया जाता है। इससे EMI पर बोझ थोड़ा कम हो सकता है।
3. टैक्स छूट के दोगुने फायदे
ज्वाइंट लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा टैक्स लाभ में होता है। अगर दोनों बॉरोअर टैक्सपेयर्स हैं, तो वे दोनों ही धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख और धारा 24(b) के तहत ₹2 लाख की छूट ले सकते हैं। यानी कुल मिलाकर ₹7 लाख तक का टैक्स बेनिफिट मिल सकता है।
4. स्वामित्व साझा करने का विकल्प
ज्वाइंट लोन में अगर दोनों आवेदक प्रॉपर्टी के मालिक भी हैं, तो आगे चलकर संपत्ति विवाद की आशंका कम हो जाती है। यह पारिवारिक समझ और साझेदारी को मजबूती देता है।
ज्वाइंट होम लोन के नुकसान
जहां ज्वाइंट लोन के कई फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
1. EMI ना चुकाने पर दोनों की साख खराब
अगर लोन की ईएमआई समय पर नहीं चुकाई जाती, तो उसका असर सिर्फ एक पर नहीं, बल्कि दोनों को-बॉरोअर्स के क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। इससे भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।
2. विवाद की स्थिति में मुश्किल
अगर पति-पत्नी के बीच तलाक हो जाए या भाई-भाई के बीच मतभेद हो जाए, तो उस स्थिति में लोन चुकाने की जिम्मेदारी विवाद का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में कानूनी विवाद भी हो सकते हैं, जिन्हें सुलझाने में काफी समय और धन खर्च होता है।
3. संपत्ति हस्तांतरण की जटिलता
अगर दोनों को-बॉरोअर प्रॉपर्टी के को-ओनर भी हैं, और उनमें से एक की मृत्यु हो जाए, तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया कठिन हो सकती है। साथ ही को-बॉरोअर पर पूरी ईएमआई की जिम्मेदारी भी आ सकती है।
ज्वाइंट होम लोन के लिए कैसे करें आवेदन?
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सही को-बॉरोअर का चयन करें: सबसे पहले यह तय करें कि आप किसके साथ लोन लेना चाहते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि वह व्यक्ति आयकरदाता हो और उसकी आमदनी स्थिर हो।
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दस्तावेज़ तैयार करें: दोनों आवेदकों के KYC दस्तावेज (आधार, पैन कार्ड), इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप, ITR), और प्रॉपर्टी के दस्तावेज एकत्र करें।
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बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से संपर्क करें: आजकल आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए बैंक की वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें।
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लोन अमाउंट और EMI की गणना करें: EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके यह पता करें कि दोनों की आय के अनुसार कितना लोन लिया जा सकता है और कितनी EMI बनती है।
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प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन और अप्रूवल: बैंक आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू और कानूनी स्थिति की जांच करेगा। सब कुछ ठीक रहने पर लोन अप्रूव हो जाएगा।
किन बातों का रखें ध्यान?
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को-बॉरोअर और मुख्य आवेदक के बीच पारदर्शिता और आपसी समझ जरूरी है।
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अगर को-बॉरोअर महिला है तो कुछ बैंकों में विशेष छूट मिलती है, जैसे स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
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लोन लेने से पहले सभी नियम, शर्तें और शुल्क अच्छे से पढ़ लें।
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यदि को-बॉरोअर कामकाजी नहीं है, तो टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
निष्कर्ष
ज्वाइंट होम लोन एक बेहतरीन विकल्प है उन लोगों के लिए जो अकेले लोन लेने में सक्षम नहीं हैं या टैक्स छूट का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। हालांकि, इसे लेते समय सावधानी बरतनी जरूरी है क्योंकि इसमें दो लोगों की आर्थिक स्थिति और व्यवहारिक समझ की भी परीक्षा होती है।
यदि आप भी अपना घर खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपकी एलिजिबिलिटी में कोई कमी आ रही है, तो ज्वाइंट होम लोन आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। बस जरूरी है कि आप सही व्यक्ति को को-बॉरोअर चुनें और जिम्मेदारी को समान रूप से निभाएं।