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नेचुरल तरीके से सुखाएं और चमकाएं बाल: जानें केश धूपन की विधि और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें

 

हर किसी की चाहत होती है कि उसके बाल साफ, मजबूत, चमकदार और खूबसूरत नजर आएं। इतना ही नहीं, बालों से हमेशा अच्छी खुशबू आती रहे, इसके लिए भी लोग तरह-तरह के शैंपू, सीरम, हेयर मिस्ट और महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बालों को महकाने और उनकी देखभाल करने का एक पारंपरिक तरीका सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है?

आयुर्वेद से जुड़ी परंपराओं में केश धूपन को बालों की देखभाल का एक खास तरीका माना जाता है। कहा जाता है कि पुराने समय में रानी-महारानियां भी बालों को सुगंधित रखने के लिए इस तरह की हर्बल धूनी का इस्तेमाल करती थीं। आज के दौर में भी यह तरीका सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है और कई ब्यूटी इन्फ्लुएंसर्स इसे आजमाते नजर आते हैं।

आइए जानते हैं आखिर केश धूपन क्या होता है, इससे बालों को क्या फायदे बताए जाते हैं और इसे करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

क्या होता है केश धूपन?

सर्टिफाइड योगा और न्यूट्रिशन कोच आकांक्षा गावा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किए गए एक वीडियो में केश धूपन के बारे में जानकारी दी है।

उनके मुताबिक, केश धूपन में बालों को हल्की हर्बल धूनी दी जाती है। इसके लिए खासतौर पर सांबरानी रेजिन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे लोबान भी कहा जाता है।

सांबरानी रेजिन को गर्म चारकोल या अंगारों पर रखा जाता है। इसके संपर्क में आते ही इससे सुगंधित और गाढ़ा धुआं निकलता है। इसी धुएं को बालों तक पहुंचाकर हल्की धूनी दी जाती है।

बालों के लिए क्यों खास माना जाता है यह तरीका?

केश धूपन को लेकर कई तरह के पारंपरिक फायदे बताए जाते हैं। हालांकि, इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार नहीं माना जाना चाहिए।

1. स्कैल्प तक बेहतर ब्लड फ्लो में मदद

बताया जाता है कि धूनी से निकलने वाली हल्की गर्मी स्कैल्प की रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद कर सकती है। इससे हेयर फॉलिकल्स तक पोषण पहुंचने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है और बालों को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है।

2. डैंड्रफ और स्कैल्प की समस्या में मदद

सांबरानी रेजिन में मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड्स को लेकर दावा किया जाता है कि ये स्कैल्प पर मौजूद कुछ तरह के संक्रमण और डैंड्रफ को कम करने में मदद कर सकते हैं।

3. बालों में आती है प्राकृतिक खुशबू

केश धूपन का सबसे खास पहलू इसकी सुगंध है। सांबरानी से निकलने वाला धुआं बालों में एक अलग तरह की खुशबू छोड़ सकता है, जिससे बाल लंबे समय तक महकते हुए महसूस हो सकते हैं।

4. तनाव कम करने में मदद

सांबरानी की खुशबू मन को शांत करने में मदद कर सकती है। तनाव का असर बालों की सेहत पर भी पड़ सकता है, इसलिए रिलैक्स महसूस करना अप्रत्यक्ष रूप से हेयर केयर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

घर पर कैसे करें केश धूपन?

अगर आप इस पारंपरिक तरीके को आजमाना चाहते हैं तो सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

  • सबसे पहले गोबर का उपला या चारकोल लेकर उसे अच्छी तरह जला लें।
  • जब वह जलकर गर्म अंगारों में बदल जाए तो उसे धूपदानी में रखें।
  • अब अंगारों के ऊपर थोड़ी मात्रा में शुद्ध सांबरानी रेजिन डालें।
  • सांबरानी उपलब्ध न होने पर भृंगराज, ब्राह्मी या चंदन जैसी हर्ब्स का इस्तेमाल करने की पारंपरिक सलाह दी जाती है।
  • जैसे ही हल्का सुगंधित धुआं निकलना शुरू हो, बालों को उसकी हल्की धूनी दें।
  • धूनी देने से पहले बालों को तौलिए से सुखा लें। बाल पूरी तरह गीले नहीं होने चाहिए।
  • धूपदानी को बालों से लगभग 12 से 18 इंच की दूरी पर रखें।
  • धुएं को बालों के आसपास हल्के तरीके से पहुंचने दें और बहुत ज्यादा धुआं जमा न होने दें।

केश धूपन करते समय इन गलतियों से बचें

बालों पर धूनी देते समय सावधानी रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसमें गर्म अंगारे और धुआं दोनों शामिल होते हैं।

  • धुएं को सीधे आंखों के सामने न आने दें।
  • धुएं को नाक या मुंह के बहुत करीब ले जाकर सांस लेने से बचें।
  • इसे जरूरत से ज्यादा बार न करें। आमतौर पर सप्ताह में 1 से 2 बार से ज्यादा करने की जरूरत नहीं बताई जाती।
  • अत्यधिक धूनी देने से बालों में रूखापन और स्कैल्प में जलन या ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।
  • बाजार में मिलने वाली सामान्य धूपबत्ती या धूप कोन को बालों के लिए इस्तेमाल न करें, क्योंकि उनमें सिंथेटिक फ्रेगरेंस और अन्य केमिकल मौजूद हो सकते हैं।
  • केश धूपन हमेशा अच्छी तरह हवादार कमरे में करें।
  • धुआं बहुत ज्यादा गाढ़ा न होने दें और बालों को गर्म अंगारों के बिल्कुल करीब न ले जाएं।

जरूरी बात

केश धूपन एक पारंपरिक हेयर केयर तरीका है, लेकिन इसे बालों की किसी बीमारी या स्कैल्प इंफेक्शन का इलाज नहीं समझना चाहिए। अगर लगातार बाल झड़ रहे हैं, गंभीर डैंड्रफ है, स्कैल्प में खुजली या जलन रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।