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गरुड़ पुराण के अनुसार हर दिन करें ये 5 कार्य! जीवन में आएगा सुख, शांति और सौभाग्य, कभी नहीं होगी धन की कमी 

 

वैष्णव संप्रदाय से संबंधित महापुराण “गरुड़ पुराण” में ज्ञान, सदाचार, वैराग्य, भक्ति, यज्ञ, दान, तप, तीर्थ आदि शुभ कार्यों से जुड़े लौकिक और अलौकिक फलों का वर्णन है। इसके साथ ही इस महापुराण में भगवान विष्णु के 24 अवतारों का भी गहरा उल्लेख है। आज हम आपको 18000 श्लोकों और 271 अध्यायों वाले गरुड़ पुराण के अनुसार 5 ऐसे कार्यों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें हर किसी को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि जो व्यक्ति इन कार्यों को नियमित रूप से करता है उसका दिन शुभ होता है साथ ही हर काम में सफलता भी मिलती है…

<a href=https://youtube.com/embed/K-gyz9D_qLE?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/K-gyz9D_qLE/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="गरुड़ पुराण के अनुसार अच्छा वक्त आने से पहले मिलते हैं ये 8 संकेत। सकारात्मक संकेत | Garud Puran |" width="1250">

1. स्नान करना
गरुड़ पुराण के अनुसार हर मनुष्य को प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन सुबह स्नान करके शुद्ध होता है उसका पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर और शुभ होता है।

2. दान करना
दान को जीवन में बहुत महत्व दिया गया है। साथ ही गरुड़ पुराण के अनुसार हर व्यक्ति को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रतिदिन कुछ न कुछ दान करना शुभ माना जाता है। जो व्यक्ति ऐसा करता है, उसके जीवन में सुख-शांति के साथ-साथ उसके घर में कभी भी धन-संपत्ति की कमी नहीं होती।

3. हवन या दीपक जलाना
मान्यता है कि प्रतिदिन हवन करने से आपके आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। लेकिन अगर प्रतिदिन हवन करना संभव न हो तो घर में तुलसी के पौधे और भगवान के सामने दीपक अवश्य जलाएं।

4. जप-तप
गरुड़ पुराण के अनुसार दैनिक दिनचर्या के पांच आवश्यक कार्यों में जप-तप भी शामिल है। आपको प्रतिदिन कम से कम एक मंत्र का जप करने का नियम अवश्य बनाना चाहिए। क्योंकि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए जप-तप से न केवल भगवान का आशीर्वाद मिलता है बल्कि जीवन में सकारात्मकता भी बढ़ती है।

5. देव पूजन
प्रतिदिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान की पूजा करनी चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए। जो व्यक्ति यह कार्य प्रतिदिन करता है, उसके परिवार की समस्याएं दूर हो जाती हैं और भगवान का आशीर्वाद उस पर बना रहता है।