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सुबह खली पेट धनिया पानी पीने के फायदे: मूसल का इस्तेमाल कर ऐसे बनाएं, दूर होंगी कई बीमारियां

 

सुबह उठकर खाली पेट कुछ हेल्दी पीने का चलन काफी समय से लोगों के बीच लोकप्रिय है। कोई नींबू पानी पीता है तो कोई जीरा पानी। अब धनिया का पानी भी हेल्दी मॉर्निंग ड्रिंक के तौर पर काफी चर्चा में है। धनिया लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है और पारंपरिक खान-पान में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है।

आयुर्वेद में धनिया को अपनी 'शीत वीर्य' यानी ठंडी तासीर के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल पाचन से जुड़ी कई परेशानियों में भी पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। वहीं, आधुनिक रिसर्च में धनिये में मौजूद कई बायोएक्टिव कंपाउंड्स पर भी अध्ययन किया गया है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि पारंपरिक इस्तेमाल और किसी बीमारी के इलाज के वैज्ञानिक प्रमाण एक ही बात नहीं हैं।

पेट की जलन और एसिडिटी में मिल सकती है राहत

धनिये की ठंडी तासीर के कारण इसे पेट की गर्मी और जलन से राहत देने वाला माना जाता है। कुछ लोग सुबह खाली पेट धनिया पानी का सेवन एसिडिटी, पेट में जलन और भारीपन जैसी समस्याओं में करते हैं।

धनिये में मौजूद कुछ प्राकृतिक कंपाउंड्स पाचन तंत्र पर असर डाल सकते हैं। हालांकि, अगर आपको लगातार या गंभीर एसिडिटी रहती है तो केवल धनिया पानी पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

धनिये में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

धनिये के बीजों में कई तरह के प्राकृतिक कंपाउंड्स पाए जाते हैं। इनमें खास तौर पर लिनालूल, फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक कंपाउंड्स शामिल हैं।

लिनालूल

लिनालूल धनिये में पाया जाने वाला एक प्रमुख प्राकृतिक कंपाउंड है। यह धनिये की खुशबू और उसके एसेंशियल ऑयल का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। रिसर्च में इसके पाचन तंत्र और मांसपेशियों पर संभावित प्रभावों का अध्ययन किया गया है।

फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक कंपाउंड्स

धनिये में क्वेरसेटिन, एपिजेनिन और कैफिक एसिड जैसे पौधों से मिलने वाले कंपाउंड्स पाए जाते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुणों का अध्ययन किया गया है, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी प्रक्रियाओं पर असर डाल सकते हैं।

मिनरल्स

धनिये में पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। हालांकि, केवल धनिया पानी को इन पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत मानना सही नहीं होगा।

पाचन के लिए कैसे मददगार हो सकता है धनिया पानी?

धनिये का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गैस, पेट फूलने और पाचन संबंधी परेशानी में किया जाता रहा है। इसमें मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड्स पाचन तंत्र की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

अगर सुबह उठने के बाद आपको अक्सर पेट फूलना, गैस या भारीपन महसूस होता है, तो धनिया पानी को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन लगातार पेट की समस्या, तेज दर्द या बार-बार एसिड रिफ्लक्स होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

ब्लड शुगर पर भी हो सकता है असर

धनिये और उसके अर्क पर ब्लड शुगर से जुड़े कुछ शोध किए गए हैं। कुछ अध्ययनों में इसके संभावित ब्लड ग्लूकोज कम करने वाले प्रभाव देखे गए हैं।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। रिसर्च में कई बार धनिये के अर्क या विशेष मात्रा का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि घर पर बनाया गया धनिया पानी काफी हल्का होता है। इसलिए इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता।

अगर आप पहले से डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेते हैं, तो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में किसी भी हर्बल ड्रिंक का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

क्या धनिया पानी शरीर को 'डिटॉक्स' करता है?

धनिया पानी को अक्सर शरीर को डिटॉक्स करने वाला ड्रिंक बताया जाता है। लेकिन शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने का मुख्य काम पहले से ही लिवर और किडनी करते हैं।

धनिया पानी पीने से शरीर को पानी मिलता है और पर्याप्त हाइड्रेशन किडनी के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। लेकिन इसे किसी विशेष 'डिटॉक्स ट्रीटमेंट' के रूप में देखना सही नहीं होगा।

सुबह धनिया पानी बनाने का आसान तरीका

धनिया पानी बनाने के लिए आप यह तरीका अपना सकते हैं:

  • रात में लगभग 1 चम्मच साबुत धनिये के बीज लें और उन्हें हल्का सा कुचल दें।
  • इन्हें करीब 250 मिलीलीटर पानी में डालकर रातभर ढककर रख दें।
  • सुबह इसे हल्की आंच पर कुछ मिनट गर्म कर सकते हैं।
  • इसके बाद पानी को छानकर हल्का गुनगुना होने पर पी सकते हैं।
  • इसे नाश्ते से कुछ समय पहले लेना सुविधाजनक हो सकता है।

धनिये के बीजों को बहुत ज्यादा उबालने की जरूरत नहीं है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

धनिया पानी आम तौर पर भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामान्य सामग्री से बनाया जाता है, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकता है। अगर आपको डायबिटीज है, आप नियमित दवाएं लेते हैं, गर्भावस्था है या कोई गंभीर बीमारी है, तो इसे रोजाना शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

सबसे जरूरी बात यह है कि धनिया पानी को हेल्दी डाइट का एक छोटा हिस्सा माना जाए, किसी बीमारी का इलाज नहीं। संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय तक अच्छी सेहत के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।