रामबाण इलाज: मुंह के छालों से तुरंत राहत दिलाएगा बाबा रामदेव का यह नुस्खा, एक बार लगाते ही दब जाएगा दर्द
मुंह में छाला होना एक आम समस्या है, लेकिन जब छाला हो जाता है तो खाना-पीना, पानी पीना और यहां तक कि कई बार बोलना भी काफी मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर मुंह के छाले कुछ समय में खुद ठीक हो जाते हैं, लेकिन इस दौरान होने वाला दर्द और जलन काफी परेशान कर सकता है।
मुंह में छाले होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इसी समस्या को लेकर बाबा रामदेव ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने छालों से राहत के लिए कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं उनके बताए उपाय और साथ ही यह भी समझते हैं कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
मुंह में छाले क्यों होते हैं?
बाबा रामदेव के मुताबिक, बहुत ज्यादा तीखा, खट्टा या मसालेदार खाना खाने से कुछ लोगों को मुंह में छाले हो सकते हैं। इसके अलावा मुंह के अंदर चोट लगने, ड्राई माउथ यानी मुंह में पर्याप्त नमी न होने और पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण भी बार-बार छाले होने की शिकायत हो सकती है।
एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या से परेशान लोगों में भी मुंह के छाले बार-बार होने की बात कही जाती है। हालांकि, बार-बार छाले होने के पीछे विटामिन की कमी, कुछ दवाएं या अन्य मेडिकल कारण भी हो सकते हैं।
छाला होने पर सबसे पहले क्या करें?
छाला होने पर कुछ दिनों तक बहुत ज्यादा मसालेदार, खट्टा, नमकीन और बहुत गर्म खाना खाने से बचना बेहतर है। इससे छाले में जलन और दर्द बढ़ सकता है।
इसके साथ ही ओरल हाइजीन यानी मुंह की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं और छाले को बार-बार जीभ या उंगली से छूने से बचें।
बाबा रामदेव ने बताए ये उपाय
बाबा रामदेव के बताए उपायों में त्रिफला चूर्ण, आंवला, एलोवेरा और व्हीटग्रास का जिक्र किया गया है।
उनके अनुसार, जिन लोगों को पित्त या पेट से जुड़ी परेशानी रहती है, वे रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ थोड़ी मात्रा में त्रिफला चूर्ण ले सकते हैं। इसके अलावा सुबह आंवला और एलोवेरा जूस लेने और दिन में व्हीटग्रास जूस पीने की सलाह भी दी गई है।
हालांकि, इन चीजों को मुंह के छालों का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी हर्बल या आयुर्वेदिक उत्पाद का नियमित सेवन शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
नीले थोथे वाला उपाय क्यों न आजमाएं?
बाबा रामदेव के वीडियो में बड़े छाले पर नीले थोथे को गर्म करके एलोवेरा जूस के साथ लगाने का एक उपाय भी बताया गया है।
लेकिन यहां सावधानी जरूरी है। नीला थोथा यानी कॉपर सल्फेट एक रासायनिक पदार्थ है और इसे मुंह के अंदर छाले पर खुद से लगाना सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। इससे मुंह की त्वचा या श्लेष्मा झिल्ली में जलन या नुकसान हो सकता है। इसलिए इस तरह के उपाय को डॉक्टर की सलाह के बिना आजमाने से बचें।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर मुंह के छाले सामान्य तौर पर कुछ दिनों में ठीक नहीं हो रहे हैं, बार-बार हो रहे हैं, बहुत ज्यादा दर्द कर रहे हैं या छाले बहुत बड़े हैं, तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
खासकर अगर छाले के साथ बुखार, निगलने में परेशानी, वजन कम होना या शरीर के दूसरे हिस्सों में भी घाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मुंह के ज्यादातर सामान्य छाले गंभीर नहीं होते, लेकिन बार-बार होने वाले या लंबे समय तक बने रहने वाले छालों के पीछे किसी अन्य समस्या की जांच जरूरी हो सकती है।