Ageing and Bone Health: उम्र बढ़ने पर क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? जानिए जोड़ों के दर्द और फ्रैक्चर से बचाव के असरदार तरीके
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होना एक आम समस्या है। यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में जल्दी शुरू होती है। हड्डियों का घनत्व (bone density) कम होने से फ्रैक्चर, ऑस्टियोपोरोसिस और जोड़ों के दर्द का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, उम्र बढ़ने के साथ अपनी जीवनशैली पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है। आप स्वस्थ आहार और व्यायाम के ज़रिए अपनी हड्डियों को मज़बूत बना सकते हैं। आइए जानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों को कमज़ोर होने से बचाने के लिए आप क्या कदम उठा सकते हैं।
अपनी हड्डियों को मज़बूत कैसे रखें?
कैल्शियम से भरपूर आहार लें – हड्डियों की मज़बूती के लिए कैल्शियम ज़रूरी है। अपने आहार में कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें, जैसे दूध, दही, पनीर, तिल और बादाम। इन्हें रोज़ाना के आहार में शामिल करने से कैल्शियम की कमी को रोकने में मदद मिलती है।
विटामिन D का सेवन बढ़ाएं – विटामिन D शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। सुबह की धूप में 15-20 मिनट बिताना इसे पाने का सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है। इसके अलावा, अंडे की जर्दी, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध विटामिन D के अच्छे स्रोत हैं।
नियमित व्यायाम करें – पैदल चलना, योग, स्ट्रेचिंग और हल्के वज़न वाली ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां हड्डियों को मज़बूत और जोड़ों को सक्रिय रखती हैं। हड्डियों की सेहत के लिए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट का शारीरिक व्यायाम ज़रूरी है।
पर्याप्त प्रोटीन का सेवन सुनिश्चित करें – हड्डियों की मरम्मत और विकास के लिए प्रोटीन ज़रूरी है। दालें, सोया, अंडे और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं; मज़बूत हड्डियां बनाए रखने के लिए इन्हें अपने आहार में शामिल करें।
कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें – चाय, कॉफी या शराब का अत्यधिक सेवन शरीर के कैल्शियम संतुलन को बिगाड़ता है। इसलिए, चाय और कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करें और शराब से बचें।
धूम्रपान से बचें – सिगरेट में मौजूद निकोटीन हड्डियों को कमज़ोर करता है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की सेहत बनाए रखने के लिए धूम्रपान से दूर रहना ज़रूरी है। पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन—अच्छी नींद और तनाव-मुक्त जीवन हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे हड्डियों को उचित पोषण मिलता है। अपनी दिनचर्या में ध्यान (meditation), प्राणायाम और आराम देने वाले व्यायामों को ज़रूर शामिल करें।
नियमित जांच और सप्लीमेंट्स – 40 साल की उम्र के बाद हड्डियों की सेहत की जांच करवाना ज़रूरी है। यदि आवश्यक हो, तो किसी भी कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम या विटामिन D सप्लीमेंट्स लें।