UPTET 2026 Result: 62 हजार से ज्यादा सरकारी शिक्षक फेल, जानिए किस लेवल पर कितने अभ्यर्थी हुए पास
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटीईटी 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार सफल हुए हैं। हालांकि, सरकारी स्कूलों में पहले से कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए रिजल्ट चिंता बढ़ाने वाला रहा। नौकरी बचाने के लिए परीक्षा देने वाले 2,68,799 शिक्षकों में से 62,028 शिक्षक सफल नहीं हो सके।
जुलाई में हुई थी यूपीटीईटी 2026 परीक्षा
यूपीटीईटी 2026 का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा पांच पालियों में हुई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 19,94,661 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।अलग-अलग पालियों में परीक्षा होने के कारण प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को ध्यान में रखते हुए आयोग ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया। इसी प्रक्रिया के आधार पर उम्मीदवारों के प्रदर्शन का तुलनात्मक मूल्यांकन करते हुए रिजल्ट तैयार किया गया।
प्राथमिक स्तर पर 80 फीसदी से ज्यादा अभ्यर्थी पास
कक्षा 1 से 5 यानी प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 7,13,648 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें से 5,71,435 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। इस स्तर पर पास प्रतिशत 80.07 फीसदी रहा।वहीं कक्षा 6 से 8 यानी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 10,57,021 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इनमें 7,59,513 उम्मीदवार सफल रहे। इस स्तर पर सफलता दर 71.85 फीसदी रही।इस तरह दोनों स्तरों को मिलाकर 13 लाख से ज्यादा उम्मीदवार यूपीटीईटी 2026 में सफल हुए हैं।
62 हजार से ज्यादा कार्यरत शिक्षक नहीं कर पाए क्वालीफाई
यूपीटीईटी 2026 में पहले से सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। प्राथमिक स्तर पर 1,22,405 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी, जिनमें 93,387 शिक्षक सफल रहे। इनका पास प्रतिशत 76.29 फीसदी रहा।उच्च प्राथमिक स्तर पर 1,46,394 कार्यरत शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 1,13,384 शिक्षक सफल हुए और सफलता दर 77.45 फीसदी रही।दोनों स्तरों को मिलाकर 2,68,799 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 62,028 शिक्षक यूपीटीईटी 2026 में सफल नहीं हो सके।
फेल शिक्षकों को मिल सकता है दूसरा मौका
यूपीटीईटी में असफल रहे कार्यरत शिक्षकों के लिए सरकार विशेष टीईटी परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा संशोधित सीटीईटी परीक्षा में भी ऐसे शिक्षकों को शामिल होने का मौका मिलने की बात कही गई है।बताया जा रहा है कि विशेष टीईटी का नोटिफिकेशन सितंबर में जारी किया जा सकता है। ऐसे शिक्षक यदि निर्धारित परीक्षा में सफलता हासिल कर लेते हैं तो उनकी नौकरी पर मंडरा रहा खतरा टल सकता है।
नॉर्मलाइजेशन से तैयार किया गया रिजल्ट
यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा पांच पालियों में आयोजित होने के कारण आयोग ने अलग-अलग प्रश्नपत्रों की कठिनाई को ध्यान में रखा। आयोग के अनुसार, निर्धारित तुलनात्मक मूल्यांकन यानी नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का उद्देश्य अलग-अलग पालियों में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष तरीके से आकलन करना है।रिजल्ट जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती से जुड़ी आगामी प्रक्रिया में पात्रता प्रमाण पत्र समेत जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर सकेंगे।