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MPSC Exam Big Update: परीक्षा टलने की असली वजह क्या? कांग्रेस के घोटाले वाले आरोपों के बाद फिर गरमाया माहौल

 

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की परीक्षाओं को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बीच अब आयोग ने एक और बड़ी परीक्षा को टाल दिया है।

25 अक्टूबर को होने वाली ग्रुप C प्रीलिम्स परीक्षा अब 3 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा टाले जाने के बाद लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी और भविष्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

इससे पहले ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। खास बात यह है कि इस भर्ती का इंटरव्यू प्रोसेस भी पूरा हो चुका था। मामले के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन किया और MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

परीक्षा टलने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

ग्रुप C परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और MPSC पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने परीक्षा टाले जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा में कुछ ही समय बचा था और लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके इसकी तैयारी कर रहे थे। ऐसे समय पर परीक्षा स्थगित करने का फैसला अभ्यर्थियों के भविष्य और उनकी मेहनत के साथ अन्याय है।

परीक्षा केंद्र और त्योहारों का दिया गया हवाला

कांग्रेस के मुताबिक, परीक्षा स्थगित करने के पीछे परीक्षा केंद्रों की अनुपलब्धता, यातायात संबंधी परेशानियां और त्योहारों का समय जैसी वजहें बताई गई हैं।

विपक्ष ने सवाल किया कि अगर ये समस्याएं पहले से मौजूद थीं तो परीक्षा का कार्यक्रम जारी करते समय इनकी तैयारी क्यों नहीं की गई? कांग्रेस ने यह भी पूछा कि अचानक लिए गए इस फैसले से छात्रों के बीच संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।

गरीब और मेहनतकश परिवारों के छात्रों पर असर

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि MPSC की कथित लापरवाही और खराब योजना का सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ता है जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

पार्टी ने कहा कि गरीब किसानों और मेहनतकश परिवारों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरी की परीक्षा सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य का बड़ा मौका होती है। बार-बार परीक्षा टलने या रद्द होने से इन छात्रों की मेहनत, समय और आर्थिक संसाधनों पर सीधा असर पड़ता है।

ग्रुप C प्रीलिम्स की नई तारीख सामने आने के बाद अब छात्रों के बीच नाराजगी बढ़ने की संभावना है। वहीं, विपक्ष आयोग और सरकार से परीक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।