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ISRO Recruitment 2026: इसरो में 400 अप्रेंटिस पदों पर निकली भर्ती, फ्रेशर्स को मिलेगा मौका; ₹12,300 तक हर महीने स्टाइपेंड, 26 नवंबर तक करें आवेदन

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ काम करना लाखों युवाओं का सपना होता है। अगर आप भी इसरो में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और फ्रेशर हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) ने अप्रेंटिस के कुल 400 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।इस भर्ती में इंजीनियरिंग, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स, डिप्लोमा और ITI पास उम्मीदवारों को अलग-अलग श्रेणियों में आवेदन का मौका दिया जा रहा है। चयनित अभ्यर्थियों को इसरो के साथ काम सीखने और व्यावहारिक ट्रेनिंग लेने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग अप्रेंटिस पदों के लिए मासिक स्टाइपेंड भी तय किया गया है।

ISRO Apprentice Vacancy 2026: किस कैटेगरी में कितने पद?

इसरो की ओर से जारी भर्ती के तहत कुल 400 पदों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

अप्रेंटिस कैटेगरी पदों की संख्या
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस 50
नॉन इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस 60
टेक्नीशियन अप्रेंटिस (डिप्लोमा) 35
डिप्लोमा (DCCP) 60
ट्रेड अप्रेंटिस 180
वोकेशनल अप्रेंटिस 15
कुल पद 400

इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस के तहत मैकेनिकल, एयरोस्पेस, प्रोडक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सिविल और केमिकल जैसी ब्रांच के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

वहीं, ट्रेड अप्रेंटिस के लिए फिटर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, केमिकल, प्लंबर, डीजल मैकेनिक, टर्नर, वेल्डर और ड्राफ्ट्समैन सहित कई ट्रेड शामिल हैं।

ISRO Apprentice Eligibility: कौन कर सकता है आवेदन?

अलग-अलग अप्रेंटिस पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग रखी गई है।

  • इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस: संबंधित विषय में BE/BTech की डिग्री कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होनी चाहिए।

  • नॉन इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस: साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स से संबंधित निर्धारित विषयों में ग्रेजुएशन होना जरूरी है। इसमें BSc, BCom और BA जैसी डिग्रियां शामिल हैं। न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।

  • टेक्नीशियन अप्रेंटिस: संबंधित इंजीनियरिंग या तकनीकी विषय में डिप्लोमा कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होना चाहिए।

  • ट्रेड अप्रेंटिस: संबंधित ट्रेड में SSLC/SSC के साथ ITI/NTC की योग्यता होनी चाहिए।

  • वोकेशनल अप्रेंटिस: संबंधित विषय में दो साल का वोकेशनल सर्टिफिकेट कोर्स होना जरूरी है। इस श्रेणी में उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता की अलग शर्तें लागू हैं।

इसके अलावा, ग्रेजुएट और डिप्लोमा अप्रेंटिस पदों के लिए संबंधित योग्यता वर्ष 2022 या उसके बाद प्राप्त की होनी चाहिए। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपने पद के अनुसार आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

हर महीने कितना मिलेगा स्टाइपेंड?

इसरो की अप्रेंटिसशिप में चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार हर महीने स्टाइपेंड दिया जाएगा।

अप्रेंटिस पद मासिक स्टाइपेंड
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ₹12,300
नॉन इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ₹12,300
टेक्नीशियन अप्रेंटिस ₹10,900
ट्रेड अप्रेंटिस ₹9,600
वोकेशनल अप्रेंटिस ₹9,600

इस ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। यह उन युवाओं के लिए अच्छा अवसर हो सकता है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी प्रतिष्ठित संस्थान में काम सीखना चाहते हैं।

ISRO Apprentice Recruitment 2026: आवेदन कैसे करें?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद UMANG पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।

आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. सबसे पहले NATS या संबंधित अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर जाकर अपनी कैटेगरी के अनुसार रजिस्ट्रेशन करें।

  2. रजिस्ट्रेशन के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता और जरूरी व्यक्तिगत जानकारी भरें।

  3. डिग्री, डिप्लोमा या ITI सर्टिफिकेट और वैध पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

  4. इसके बाद UMANG की आधिकारिक वेबसाइट web.umang.gov.in पर जाएं।

  5. पोर्टल पर लॉगइन करके SDSC SHAR Apprentice विकल्प खोजें।

  6. अपनी योग्यता के अनुसार संबंधित अप्रेंटिस पद चुनें और आवेदन फॉर्म भरें।

  7. जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें।

आवेदन की आखिरी तारीख और चयन प्रक्रिया

इसरो की इस अप्रेंटिस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 26 नवंबर 2026 बताई गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन पूरा कर लेना चाहिए।चयन प्रक्रिया अप्रेंटिसशिप के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।