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भागदौड़ भरी जिंदगी में दिमाग को रखना है शांत? आज ही अपनी दिनचर्या में बदलें ये 5 छोटी आदतें

 

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। ऑफिस का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियां और रोजमर्रा की परेशानियां दिमाग को लगातार व्यस्त रखती हैं। लंबे समय तक तनाव बना रहे तो इसका असर सिर्फ मानसिक सेहत पर ही नहीं, बल्कि शरीर पर भी पड़ सकता है।

तनाव को जिंदगी से पूरी तरह खत्म करना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन कुछ आसान आदतों की मदद से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप भी खुद को मानसिक रूप से शांत और रिलैक्स रखना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में इन तरीकों को शामिल कर सकते हैं।

तनाव कम करने के लिए क्या करें?

रोजाना एक्सरसाइज को बनाएं आदत

तनाव कम करने के लिए शारीरिक गतिविधि काफी मददगार हो सकती है। नियमित वॉक, एक्सरसाइज या हल्की दौड़ करने से शरीर एक्टिव रहता है और मूड भी बेहतर महसूस हो सकता है।

कोशिश करें कि सप्ताह में करीब 150 मिनट सामान्य शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चाल से चलना, जरूर करें। वहीं अपनी क्षमता के अनुसार कुछ समय तेज गति वाली एक्सरसाइज के लिए भी निकाला जा सकता है।

मांसपेशियों को दें आराम

तनाव का असर शरीर पर भी दिखाई देता है। कई बार लगातार चिंता और काम के दबाव की वजह से गर्दन, कंधों और शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होने लगता है।

ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग, गर्म पानी से नहाना और पर्याप्त नींद लेना फायदेमंद हो सकता है। सोने से पहले शरीर को रिलैक्स करने की कोशिश करें, ताकि दिनभर की थकान कम हो सके।

खानपान पर रखें खास ध्यान

खाने-पीने की गलत आदतें भी आपके मूड और ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक भूखे रहने या बार-बार अनहेल्दी फूड खाने के बजाय संतुलित डाइट लेने की कोशिश करें।

अपनी डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। समय पर भोजन करने से शरीर को दिनभर जरूरी ऊर्जा मिलती रहती है।

अपने लिए भी निकालें थोड़ा समय

भागदौड़ के बीच खुद के लिए समय निकालना बेहद जरूरी है। रोजाना 15 से 20 मिनट ऐसा काम करें, जिसे करने से आपको खुशी और सुकून मिलता हो। आप किताब पढ़ सकते हैं, गार्डनिंग कर सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं या अपनी पसंद का कोई दूसरा शौक पूरा कर सकते हैं।

इसके अलावा अपनी परेशानियों को मन में दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से बात करना भी राहत दे सकता है। हर छोटी परेशानी को लेकर खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने से बचें।

गहरी सांस लेने की करें प्रैक्टिस

जब तनाव या घबराहट ज्यादा महसूस हो, तो कुछ देर के लिए अपने काम से ब्रेक लें। किसी शांत जगह पर बैठकर धीरे-धीरे गहरी सांस अंदर लें और फिर आराम से बाहर छोड़ें।

आंखें बंद करके कुछ मिनट तक सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। रोजाना कुछ मिनट डीप ब्रीदिंग का अभ्यास करने से तनावपूर्ण परिस्थितियों को संभालने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।

तनाव को नजरअंदाज न करें

कभी-कभार तनाव होना सामान्य है, लेकिन अगर लगातार तनाव, बेचैनी या थकान बनी रहती है और इसका असर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में किसी योग्य डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।