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उषापान से करें दिन की शुरुआत, मन हल्का, पाचन बेहतर और डिटॉक्स होगी बॉडी

 

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। सेहतमंद रहने के लिए बड़े-बड़े बदलावों की जरूरत नहीं, बस छोटी सी आदत काफी है। आयुर्वेद भी ऐसे ही एक छोटे लेकिन बेहद फायदेमंद उपाय की सलाह देता है, जिसे उषापान कहते हैं। सुबह उठकर सबसे पहले खाली पेट गुनगुना पानी पीना। यह आसान तरीका पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय उषापान को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह के साथ ही इससे मिलने वाले फायदों को गिनाता है। इससे पेट साफ रहता है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर से गंदगी निकलती है और मन तरोताजा महसूस करता है। अगर संभव हो तो रातभर तांबे के लोटे या मिट्टी के घड़े में पानी रखकर पिएं। एक गिलास पानी से शुरू करें अपना दिन और देखें, कैसे छोटा सा बदलाव आपकी पूरी सेहत बदल देता है।

उषापान आयुर्वेद की पुरानी परंपरा है, जिसमें सुबह उठते ही खाली पेट गुनगुना पानी पीना शामिल है। यह छोटा-सा कदम पाचन तंत्र को मजबूत करता है, शरीर से गंदगी निकालता है और पूरे दिन स्वस्थ महसूस कराता है। उषापान का मतलब है सुबह-सुबह पानी पीना। यह रोजमर्रा की बहुत आसान आदत है, जिसे कोई भी अपना सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, जागने के बाद सबसे पहले हाथ-पैर अच्छे से धो लें। फिर एक गिलास गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी पिएं। सबसे अच्छा तो यह है कि पानी को रातभर तांबे के लोटे या मिट्टी के घड़े में रखा जाए। तांबे का पानी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह बैक्टीरिया से बचाव करता है और शरीर में जरूरी खनिज देता है।

यह प्रैक्टिस कई तरह से सेहत सुधारती है। सबसे पहले यह पाचन शक्ति को बढ़ाती है। सुबह खाली पेट पानी पीने से आंतों को उत्तेजना मिलती है, जिससे मल और पेशाब आसानी से निकल जाता है। इससे कब्ज, गैस, अपच जैसी आम समस्याएं दूर रहती हैं। साथ ही शरीर डिटॉक्स होता है, यानी रातभर जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। इससे त्वचा साफ रहती है, शरीर हल्का महसूस होता है और ऊर्जा बनी रहती है।

उषापान पाचन तंत्र से जुड़ी कई बीमारियों को रोकने में मदद कर मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में भी सहायता मिलती है। नियमित रूप से यह आदत अपनाने से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है और व्यक्ति बीमारियों से दूर रहता है।

--आईएएनएस

एमटी/एबीएम