Thyroid Health: थायरॉयड के लिए जरूरी खनिज है आयोडीन, जानें इसके नेचुरल सोर्स
शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों और खनिजों की जरूरत होती है, जिनमें आयोडीन भी महत्वपूर्ण है। आयोडीन का संबंध खासतौर पर थायरॉयड ग्रंथि के सामान्य कामकाज से जुड़ा होता है। आमतौर पर आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके अलावा भी कई खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनसे शरीर को आयोडीन मिल सकता है।
दूध और दही से लेकर अंडे, कुछ मछलियां, झींगा और कुछ पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ आयोडीन के स्रोत हो सकते हैं। वयस्कों के लिए रोजाना करीब 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत बताई जाती है, जबकि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसकी आवश्यकता बढ़ जाती है।
Seaweed: आयोडीन का प्राकृतिक स्रोत
समुद्री साग यानी सीवीड आयोडीन के सबसे अच्छे प्राकृतिक स्रोतों में शामिल माना जाता है। हालांकि सभी प्रकार के सीवीड में आयोडीन की मात्रा समान नहीं होती। यह उसकी किस्म, उत्पादन की जगह और तैयार करने के तरीके पर भी निर्भर कर सकती है।
कोम्बू में आयोडीन की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। इसके अलावा वाकामे और नोरी में भी आयोडीन पाया जाता है। लेकिन सीवीड में आयोडीन की मात्रा बहुत ज्यादा हो सकती है, इसलिए इसे जरूरत से अधिक मात्रा में खाना उचित नहीं माना जाता।
Fish: कुछ मछलियों में भी भरपूर आयोडीन
अगर आप मछली खाते हैं तो कुछ समुद्री मछलियां आयोडीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकती हैं। कॉड जैसी कम वसा वाली मछली इसका एक अच्छा स्रोत मानी जाती है। करीब 85 ग्राम कॉड में लगभग 63 से 99 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है।
झींगा भी आयोडीन वाले समुद्री खाद्य पदार्थों में शामिल है। करीब 85 ग्राम झींगे से लगभग 35 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है। समुद्री जीवों में आयोडीन की मौजूदगी का एक कारण यह है कि वे समुद्री वातावरण से आयोडीन की कुछ मात्रा अपने शरीर में जमा करते हैं।
ट्यूना में भी आयोडीन पाया जाता है। करीब 85 ग्राम ट्यूना में लगभग 17 माइक्रोग्राम आयोडीन हो सकता है। हालांकि खाद्य पदार्थों में आयोडीन की मात्रा कई परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
Milk and Curd: रोजाना मिलने वाले आसान विकल्प
आयोडीन के लिए जरूरी नहीं कि हमेशा समुद्री खाद्य पदार्थ ही खाए जाएं। दूध और दही जैसे सामान्य डेयरी उत्पाद भी आहार में आयोडीन का योगदान कर सकते हैं।
दूध में आयोडीन की मात्रा पशुओं के आहार और दूध उत्पादन के दौरान इस्तेमाल होने वाले आयोडीन युक्त पदार्थों समेत कई कारकों पर निर्भर करती है। सादा दही भी आयोडीन का अच्छा स्रोत हो सकता है। इसके अलावा पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों में भी कुछ मात्रा में आयोडीन पाया जा सकता है, हालांकि अलग-अलग उत्पादों में इसकी मात्रा अलग हो सकती है।
Eggs: जर्दी में ज्यादा ध्यान देने वाली बात
अंडा भी आयोडीन देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है। अंडे में मौजूद आयोडीन का बड़ा हिस्सा उसकी जर्दी में पाया जाता है। एक बड़े अंडे में औसतन करीब 24 माइक्रोग्राम आयोडीन हो सकता है।
हालांकि अंडे में आयोडीन की मात्रा मुर्गियों के आहार पर निर्भर कर सकती है। इसलिए हर अंडे में बिल्कुल समान मात्रा में आयोडीन मौजूद हो, यह जरूरी नहीं है।
Prunes: सूखे आलूबुखारे भी हो सकते हैं विकल्प
अगर आप शाकाहारी विकल्प तलाश रहे हैं तो सूखे आलूबुखारे यानी प्रून्स भी आयोडीन के स्रोतों में शामिल किए जा सकते हैं। करीब पांच सूखे आलूबुखारों से लगभग 13 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है।
इनमें फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। हालांकि इन्हें भी संतुलित मात्रा में ही आहार का हिस्सा बनाना बेहतर है।
Lima Beans: फलियों से भी मिल सकता है आयोडीन
लीमा बीन्स में फाइबर, मैग्नीशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही इनमें आयोडीन भी मौजूद हो सकता है। एक कप पकी हुई लीमा बीन्स में औसतन करीब 16 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है।
पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में आयोडीन की मात्रा मिट्टी, पानी और खेती में इस्तेमाल होने वाले अन्य कारकों के कारण काफी बदल सकती है। इसलिए एक ही खाद्य पदार्थ की आयोडीन मात्रा हर जगह बिल्कुल समान हो, यह जरूरी नहीं है।
Balanced Diet: एक ही खाद्य पदार्थ पर न रहें निर्भर
आयोडीन शरीर के लिए जरूरी खनिज है और संतुलित आहार के जरिए इसकी जरूरत पूरी की जा सकती है। आयोडीन युक्त नमक इसका आसान स्रोत है, लेकिन इसके अलावा दूध, दही, अंडे, कुछ मछलियां, झींगा, समुद्री साग और कुछ फलियां भी आहार में आयोडीन शामिल कर सकती हैं।
हालांकि आयोडीन की जरूरत व्यक्ति की उम्र और जीवन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी सप्लीमेंट या आयोडीन की अतिरिक्त मात्रा का इस्तेमाल डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए, खासकर क्योंकि बहुत ज्यादा आयोडीन भी स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता।