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महिलाओं के लिए सर्दियों में बढ़ते मासिक धर्म के दर्द का सच, ये 7 तरीके देंगे तुरंत आराम

 

कई महिलाओं को लगता है कि सर्दियों के महीनों में उनके पीरियड्स का दर्द बढ़ जाता है। अगर आपको भी ठंडे मौसम में ज़्यादा तेज़ ऐंठन, मूड स्विंग या ज़्यादा बेचैनी महसूस होती है, तो आप अकेली नहीं हैं। रिसर्च और क्लिनिकल अनुभव बताते हैं कि सर्दियाँ पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को कई तरह से प्रभावित कर सकती हैं। आइए बात करते हैं कि आप सर्दियों में बढ़े हुए पीरियड्स के दर्द को कैसे मैनेज कर सकती हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं।

र्दियों में पीरियड्स का दर्द क्यों बढ़ जाता है?

ठंडे मौसम में तापमान, धूप और शरीर के काम करने के तरीके में बदलाव आते हैं, जिससे पीरियड्स के लक्षण ज़्यादा तेज़ महसूस हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

ठंड में मांसपेशियों में अकड़न

ऑब्स्टेट्रिशियन-गाइनेकोलॉजिस्ट (OBGYN) डॉ. शिविका गुप्ता ने एक सोशल मीडिया वीडियो में बताया कि जब ठंड होती है, तो शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए खून के बहाव को कम कर देता है। इससे गर्भाशय की मांसपेशियां ज़्यादा कस जाती हैं और सिकुड़ती हैं, जिससे ऐंठन और दर्द बढ़ सकता है।

विटामिन D की कमी

सर्दियों में धूप कम मिलने से विटामिन D का लेवल कम हो जाता है। विटामिन D सूजन कम करने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से दर्द, थकान और मूड स्विंग बढ़ सकते हैं।

दर्द के प्रति ज़्यादा संवेदनशीलता

ठंडे तापमान में शरीर दर्द के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होता है। यही वजह है कि सर्दियों में सामान्य ऐंठन भी ज़्यादा तेज़ महसूस हो सकती है।

हार्मोनल बदलाव

सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन सर्दियों के महीनों में ऊपर-नीचे हो सकते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन, उदासी और PMS के लक्षण बढ़ सकते हैं।

शारीरिक गतिविधि की कमी

लोग ठंडे महीनों में कम एक्टिव रहते हैं। इससे पेल्विक एरिया में खून का बहाव कम हो सकता है और संभावित रूप से दर्द बढ़ सकता है।

PMS और मासिक धर्म स्वास्थ्य पर सर्दियों का प्रभाव

कई महिलाओं को इस मौसम में पेट फूलना, मीठा खाने की इच्छा, ज़्यादा थकान, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन और व्यायाम करने की इच्छा में कमी जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

कैसे पहचानें कि सर्दियाँ आपके लक्षणों को और खराब कर रही हैं? अगर आपको सर्दियों के महीनों में ज़्यादा ऐंठन, पेल्विक एरिया में दबाव, PMS के ज़्यादा तेज़ लक्षण, ज़्यादा थकान और पीठ दर्द, या ज़्यादा गंभीर मूड स्विंग होते हैं, तो यह मौसम का असर हो सकता है।

सर्दियों में पीरियड्स का दर्द कैसे कम करें?

गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें
हल्की एक्सरसाइज, योग, या वॉकिंग करते रहें
विटामिन D से भरपूर खाना खाएं और अगर ज़रूरत हो तो सप्लीमेंट्स के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें
गुनगुना पानी और हर्बल चाय पिएं
एंटी-इंफ्लेमेटरी खाना जैसे फल, सब्जियां और नट्स शामिल करें
तनाव कम करने की कोशिश करें और पूरी नींद लें
अपने पीरियड साइकिल और लक्षणों पर नज़र रखें

डॉक्टर को दिखाना कब ज़रूरी है?

कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर दर्द बहुत ज़्यादा है, कई दिनों तक रहता है, रोज़ाना के कामों में दिक्कत होती है, बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होती है, पीरियड्स अनियमित हैं, या घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स, या PCOS जैसी स्थितियां भी इसका कारण हो सकती हैं।