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स्वाइन फ्लू पर झारखंड सरकार का बड़ा एक्शन, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पूरे राज्य को किया अलर्ट

 

रांची, 29 अगस्‍त (आईएएनएस)। राज्य में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) को लेकर झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक/प्राचार्य एवं जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी एवं आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा, “स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल तक हर स्तर पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी।”

उन्होंने अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) एवं गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित एवं गंभीर मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो, ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्‍स, रांची सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों एवं सदर अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता, आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक, जांच की सुविधा, आईसीयू/एचडीयू की तैयारी, प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि संभावित मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।

राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम अथवा सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों का आवश्यकतानुसार क्लिनिकल असेसमेंट किया जाएगा। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार इन्फ्लूएंजा/एच1एन1 की जांच कराई जाएगी तथा गंभीर मरीजों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एच1एन1 एक श्वसन तंत्र का वायरल संक्रमण है और समय पर पहचान एवं उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहते हुए लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी मशीनरी को सक्रिय रखा गया है।

उन्होंने कहा, “झारखंड सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयां अलर्ट मोड में हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, सावधानी बरतें और लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।”

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है—सतर्कता, निगरानी और त्वरित उपचार हमारी प्राथमिकता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी