स्ट्रॉबेरी लेग्स के पीछे सिर्फ रेजर नहीं, बल्कि शरीर की ये अंदरूनी समस्याएं भी हैं कारण
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। पैरों की त्वचा पर छोटे-छोटे काले डॉट्स का दिखना आजकल एक आम समस्या बन चुकी है। लोग अक्सर इसे सिर्फ गलत शेविंग का नतीजा मान लेते हैं, लेकिन विज्ञान के अनुसार इसके पीछे कई और कारण होते हैं। इन्हीं कारणों से स्किन पर स्ट्रॉबेरी लेग्स जैसा असर दिखने लगता है, जिसमें पैरों की त्वचा साफ होने के बावजूद डॉट्स वाली नजर आती है।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, इसका एक बड़ा कारण रोमछिद्रों का बंद हो जाना होता है। हमारे पैरों की त्वचा में छोटे-छोटे हेयर फॉलिकल्स होते हैं, जिनसे बाल निकलते हैं। जब इनमें धूल, पसीना, तेल और डेड स्किन सेल्स जमा हो जाते हैं, तो ये छिद्र बंद होने लगते हैं। हवा के संपर्क में आने पर अंदर जमा पदार्थ ऑक्सीडाइज होकर काले रंग के छोटे डॉट्स की तरह दिखने लगते हैं।
इसके अलावा ड्राई स्किन भी इस समस्या को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। जब त्वचा में नमी की कमी होती है तो उसकी ऊपरी परत खुरदरी हो जाती है। ऐसे में शेविंग या कपड़ों की रगड़ से त्वचा और ज्यादा प्रभावित होती है। ड्राई स्किन पर बालों के फॉलिकल्स आसानी से ब्लॉक हो जाते हैं, जिससे डॉट्स ज्यादा स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं।
एक और वैज्ञानिक कारण केराटोसिस पिलारिस भी माना जाता है। इसमें त्वचा में केराटिन नाम का प्रोटीन ज्यादा बनने लगता है, जो बालों के रोमछिद्रों को बंद कर देता है। यह स्थिति अक्सर बाहों और पैरों पर छोटे-छोटे उभरे हुए दानों के रूप में दिखाई देती है। कई लोग इसे सामान्य रुखापन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आगे चलकर स्ट्रॉबेरी लेग्स जैसी स्थिति को बढ़ा सकता है।
सिर्फ शेविंग ही नहीं, बल्कि बार-बार होने वाली त्वचा की रगड़ भी एक बड़ा कारण है। बहुत टाइट कपड़े पहनने, ज्यादा पसीना आने और बार-बार घर्षण होने से त्वचा के पोर्स पर दबाव पड़ता है। इससे जलन और हल्की सूजन हो सकती है, जो आगे चलकर डार्क डॉट्स के रूप में दिखने लगती है। इसी तरह गलत स्क्रबिंग या हार्ड एक्सफोलिएशन भी त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर स्थिति को बिगाड़ सकता है।
--आईएएनएस
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