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त्वचा को क्यों जलाती हैं सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें? जानें सनबर्न से बचाव के उपाय

 

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। सूर्य पृथ्वी पर जीवन का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह न केवल हमें प्रकाश देता है, बल्कि पौधों और मनुष्यों के लिए ऊर्जा का भी मुख्य आधार है। हालांकि, इसकी किरणें हमेशा लाभकारी नहीं होतीं—कभी-कभी तेज धूप त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे सनबर्न जैसी समस्या हो जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सूरज की रोशनी हमें क्यों जलाती है। हर साल 3 मई को अंतरराष्ट्रीय सूर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो हमें सूर्य के महत्व और उसके प्रभावों के प्रति जागरूक करता है।

सूर्य की रोशनी स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। यह विटामिन डी बनाती है, जो हड्डियों के लिए जरूरी है, लेकिन संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। ज्यादा समय धूप में रहने से त्वचा का कैंसर भी हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय सूर्य दिवस पर हमें सूर्य की उपयोगिता और उससे होने वाले नुकसान दोनों को समझना चाहिए।

सूर्य धरती की तरफ कई तरह की ऊर्जा भेजता है। इसमें तीन मुख्य प्रकार की किरणें होती हैं- इन्फ्रारेड रेडिएशन (गर्मी), विजिबल लाइट जो हम देख सकते हैं और अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) लाइट। हम अल्ट्रावॉयलेट किरणों को अपनी आंखों से नहीं देख सकते। ये हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं।

सूर्य हर समय ऊर्जा की लहरें यानी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स भेजता रहता है। इनमें इन्फ्रारेड लहरें सबसे कम ऊर्जा वाली और लंबी होती हैं, जो गर्मी का एहसास कराती हैं। विजिबल लाइट मध्यम ऊर्जा वाली होती है, जबकि अल्ट्रावॉयलेट लहरें सबसे ज्यादा ऊर्जा वाली होती हैं। इन्हीं अल्ट्रावॉयलेट किरणों की वजह से त्वचा जलती है। जब त्वचा पर ज्यादा अल्ट्रावॉयलेट किरणें पड़ती हैं तो त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। कोशिकाएं मरने लगती हैं और शरीर इस पर प्रतिक्रिया देता है। परिणामस्वरुप त्वचा लाल हो जाना, सूजन, दर्द और जलन। इसे ही सनबर्न कहते हैं।

खास बात है कि अल्ट्रावॉयलेट किरणें हर जगह पहुंच सकती हैं। सनबर्न सिर्फ सीधी धूप में ही नहीं होता। अल्ट्रावॉयलेट किरणें पानी, बर्फ, कंक्रीट और रेत से टकराकर वापस लौट सकती हैं। यानी छाते के नीचे बैठे रहने पर भी सनबर्न हो सकता है। बादलों के पार भी ये किरणें पहुंच जाती हैं, इसलिए बादल वाले दिन भी सावधानी बरतनी चाहिए।

हेल्थ एक्सपर्ट सनबर्न से बचाव के उपाय सुझाते हैं। इसके लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक ज्यादा धूप में न निकलें। पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनें। चौड़े किनारे वाली टोपी और चश्मा लगाएं। एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन (सनब्लॉक) लगाएं। इसे हर 3-4 घंटे में दोबारा लगाएं। पानी ज्यादा पीएं ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। डॉक्टर्स की सलाह है कि सनबर्न होने पर ठंडे पानी से सेंक करें। मॉइश्चराइजर लगाएं और ज्यादा गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।

--आईएएनएस

एमटी/वीसी