सर्दियों में सिर-कान और पैर की मालिश जरूरी, एक-दो नहीं मिलते हैं कई लाभ
नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में त्वचा रूखी, बेजान होने लगती है। ठंडी हवाएं शरीर की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन ड्राई हो जाती है। हालांकि इसका समाधान अभ्यंग या तेल मालिश में छिपा है। आयुर्वेद बताता है कि सर्दियों में शरीर के तीन हिस्सों पर तेल जरूर लगाना चाहिए। इससे एक-दो नहीं कई लाभ मिलते हैं।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि अभ्यंग या तेल से मालिश करना सबसे अच्छा आयुर्वेदिक उपाय है। यह न सिर्फ त्वचा को नमी और कोमलता लौटाता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारता है।
आयुष मंत्रालय सलाह देता है कि सर्दियों में खास तौर पर तीन जगहों– सिर, कान और पैर पर जरूर ध्यान दें। ये हिस्से सर्दियों में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं और इन पर मालिश से विशेष लाभ मिलता है।
अभ्यंग के लिए तिल का तेल सबसे उत्तम है, क्योंकि यह गर्म प्रकृति का होता है और सर्दी में शरीर को गर्माहट प्रदान करता है। इसके अलावा सरसों का तेल या नारियल तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल को हल्का गुनगुना करके पूरे शरीर पर मालिश करें।
सिर पर तेल मालिश करने से बाल मजबूत होते हैं। सिर दर्द दूर होता है और मन शांत रहता है। तिल के तेल से स्कैल्प की मालिश करने से डैंड्रफ और रूखेपन की समस्या कम होती है।
कान में थोड़ा तेल डालकर हल्की मालिश करने से कान की सफाई होती है, सुनने की क्षमता बेहतर रहती है और ठंड से होने वाली परेशानी जैसे कान दर्द से राहत मिलती है। साथ ही बेहतर नींद आती है और तनाव दूर करने में भी कारगर है।
पैरों की मालिश सबसे महत्वपूर्ण है। पैरों पर तेल लगाकर अच्छी तरह रगड़ें, क्योंकि पैरों में कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, थकान दूर होती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों में पैर फटने की समस्या भी इससे दूर रहती है।
अभ्यंग के नियमित अभ्यास से त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है। जोड़ों को लचीला बनाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में अभ्यंग लाभदायी होता है। यह आयुर्वेदिक तरीका सरल, सुरक्षित और घर पर ही किया जा सकता है। सुबह नहाने से पहले 10-15 मिनट अभ्यंग करें, फिर गुनगुने पानी से नहाएं। इससे शरीर तेल अच्छी तरह सोख लेता है।
--आईएएनएस
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