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पोषक तत्वों से भरपूर ये जंगली फल, सेहत का साथी कहलाता है 'इंडियन चेरी'

 

नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। आजकल की अनियमित और तेज रफ्तार में भागती जिंदगी में लोग झटपट बने खाने को तवज्जो देते हैं, वो भले ही सेहत के लिए हानिकारक हों मगर लोग धड़ल्ले से उसका सेवन करते हैं। हालांकि, प्रकृति के पास पोषक तत्वों से भरपूर कई फल व सब्जियां हैं जिनके सेवन से सेहत को कई लाभ मिलते हैं। ऐसी ही एक फल व सब्जी है लसोड़ा या गोंदी, जिसे 'इंडियन चेरी' भी कहा जाता है।

बिहार के वन एवं पर्यावरण विभाग ने इसके कई स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। लसोड़ा एक तेजी से बढ़ने वाला पर्णपाती वृक्ष है। यह आमतौर पर 10 से 20 मीटर तक ऊंचा होता है। वैज्ञानिक नाम कॉर्डिया डाइकोटोमा है। इसके फल, पत्ते और बीज सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इस फल में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फॉस्फोरस, जिंक और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

बिहार वन विभाग के अनुसार, लसोड़ा न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह वृक्ष मध्यम आकार का होता है और आसानी से उगाया जा सकता है।

पके हुए लसोड़े का स्वाद मीठा होता है, जो खाने में बहुत टेस्टी लगता है जबकि कच्चे फलों का गूदा गोंद की जगह इस्तेमाल किया जाता है। गांवों में इसकी सब्जी बनाई जाती है और स्वादिष्ट अचार भी तैयार किया जाता है। इसके सेवन से सेहत को मिलने वाले लाभ पर नजर डालें तो ये भरपूर फाइबर से युक्त होने के कारण यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है। आयरन की अच्छी मात्रा होने से खून की कमी (एनीमिया) दूर करने में मदद मिलती है।

वहीं, कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं। लसोड़े के पत्तों और बीजों का भी आयुर्वेद में इस्तेमाल होता है।

गर्मियों के मौसम में लसोड़ा आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसे ताजा खाया जा सकता है या फिर अचार, चटनी और सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से इसके सेवन से शरीर को प्राकृतिक तरीके से पोषण मिलता है।

--आईएएनएस

एमटी/पीएम