पटियाला के निजी स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका, 5 बच्चे अस्पताल में भर्ती
पटियाला, 1 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के पटियाला शहर के एक नामी स्कूल के कुछ छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। छात्रों में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि फिलहाल पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि कुछ अन्य बच्चों की तबीयत मामूली रूप से प्रभावित हुई है और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर कुछ घंटों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि बच्चे स्कूल से बाहर गए थे। आशंका है कि इस दौरान उन्होंने बाहर किसी स्थान पर भोजन किया हो। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों के बीमार होने का कारण बाहर खाया गया खाना ही था। स्वास्थ्य विभाग सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि बच्चों ने स्कूल से बाहर किसी विशेष स्थान पर खाना खाया था, तो उस स्थान की भी जांच की जाएगी। वहां उपलब्ध भोजन, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, वातावरण और भोजन तैयार करने की व्यवस्था की जांच होगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में भर्ती पांचों बच्चों की हालत स्थिर है और सभी बच्चे ठीक हैं। इन बच्चों का इलाज मणिपाल ग्रुप के अस्पताल में चल रहा है। वहीं, सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भी बच्चों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। अभिभावकों को सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा के बारे में जानकारी दी गई है। हालांकि, बच्चे का इलाज निजी या सरकारी अस्पताल में करवाना अभिभावकों की इच्छा पर निर्भर है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब में जहां भी बच्चों के लिए खाना तैयार किया जाता है, वहां स्वच्छता के मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ बर्तनों और स्वच्छ वातावरण का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
उन्होंने बच्चों से भी खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोने की अपील की। उन्होंने कहा कि बचपन से विकसित की गई स्वच्छता की आदतें जीवनभर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक रहती हैं। जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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