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मोटापे से परेशान लोगों के लिए आई ओपनर: वजन घटाने की जगह इस 1 चीज़ पर दें ध्यान, बदल जाएगी बॉडी

 

जिम में जब भी कोई नया क्लाइंट आता है और फिटनेस को लेकर बातचीत शुरू होती है, तो अक्सर एक नंबर जरूर सुनने को मिलता है—10 किलो वजन कम करना है। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर लोग इसी आंकड़े को अपना लक्ष्य बनाते हैं। बहुत कम लोग कहते हैं कि उन्हें 7 या 8 किलो वजन कम करना है। सीधे 10 किलो का टार्गेट तय कर लिया जाता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर 10 किलो ही क्यों?

दरअसल, ज्यादातर मामलों में यह आंकड़ा किसी वैज्ञानिक गणना के आधार पर तय नहीं होता। यह बस एक ऐसा गोल नंबर है जो सुनने में बड़ा भी लगता है और हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य भी महसूस होता है। वजन कम करने के लिए लक्ष्य तय करना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ तराजू पर दिखने वाले एक नंबर को पूरी सफलता का पैमाना मान लेना सही नहीं है।

लक्ष्य तय करने से मिलती है दिशा

अगर आप सिर्फ इतना कहते हैं कि "मुझे फिट होना है", तो आपका लक्ष्य काफी अस्पष्ट रहता है। इसके मुकाबले अगर आप कहते हैं कि मुझे अपना वजन कम करना है या अपनी कमर का आकार कम करना है, तो आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की स्पष्ट दिशा मिलती है।

एक तय लक्ष्य आपको यह सोचने में मदद करता है कि आपको खान-पान, एक्सरसाइज, नींद और रोजाना की गतिविधियों में क्या बदलाव करने हैं।

लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब पूरा फोकस सिर्फ वजन मशीन पर दिखाई देने वाले आंकड़े पर चला जाता है।

तराजू का नंबर हमेशा पूरी कहानी नहीं बताता

सुबह जब आप वजन मशीन पर खड़े होते हैं, तो वहां दिखने वाला नंबर सिर्फ फैट को नहीं दर्शाता। शरीर में मौजूद पानी, खाना, नमक की मात्रा, हार्मोनल बदलाव और एक्सरसाइज जैसी कई चीजें वजन को प्रभावित कर सकती हैं।

कभी-कभी एक ही व्यक्ति का वजन कुछ दिनों में एक-दो किलो ऊपर-नीचे हो सकता है। महिलाओं में पीरियड्स के दौरान भी शरीर में पानी जमा होने के कारण वजन बढ़ सकता है। इसी तरह कड़ी एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों में अस्थायी बदलाव और पानी रुकने से भी वजन कुछ समय के लिए बढ़ सकता है।

इसलिए एक दिन वजन बढ़ जाना यह साबित नहीं करता कि आपकी मेहनत बेकार जा रही है।

Weight Loss और Fat Loss एक चीज नहीं

वजन कम होना और शरीर की चर्बी कम होना एक ही बात नहीं है।

तराजू यह नहीं बताता कि आपके शरीर से फैट कम हुआ है, पानी कम हुआ है या मसल्स का नुकसान हुआ है। यही वजह है कि कई बार किसी व्यक्ति का वजन उम्मीद के मुताबिक तेजी से कम नहीं होता, लेकिन उसके कपड़ों की फिटिंग बेहतर होने लगती है, कमर का आकार घटता है और शरीर ज्यादा मजबूत दिखाई देने लगता है।

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने तीन महीने तक नियमित एक्सरसाइज की। उसका वजन उम्मीद के मुताबिक 10 किलो कम नहीं हुआ, बल्कि चार-पांच किलो ही कम हुआ। लेकिन इसी दौरान उसका फैट घटा, मसल्स बनीं और ताकत बढ़ी। ऐसे बदलाव को सिर्फ तराजू के नंबर से आंकना सही नहीं होगा।

शादी या किसी खास तारीख तक वजन घटाने का दबाव

वजन कम करने के लिए डेडलाइन तय करना भी कई लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

अक्सर लोग कहते हैं—"दो महीने बाद शादी है, तब तक 10 किलो कम करना है।" इसके बाद तेजी से वजन घटाने के चक्कर में लोग खाना बहुत कम कर देते हैं, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या बेहद कम कैलोरी वाली डाइट शुरू कर देते हैं।

ऐसी क्रैश डाइट लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल होता है। डाइट खत्म होने के बाद पुरानी खाने की आदतें वापस आने पर वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए लंबे समय तक टिकने वाली आदतों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

फिर वजन घटाने का सही तरीका क्या है?

फिटनेस के सफर में 10 किलो का लक्ष्य रखना गलत नहीं है, लेकिन रोज उसी नंबर को लेकर तनाव लेना भी जरूरी नहीं है। बेहतर तरीका यह है कि ऐसे छोटे लक्ष्य बनाए जाएं जिन पर आपका नियंत्रण हो।

मसलन—

  • सप्ताह में कम से कम 4 दिन एक्सरसाइज करने का लक्ष्य रखें।
  • रोजाना अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं और ज्यादा चलने की कोशिश करें।
  • भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें, जैसे दाल, पनीर, सोया, अंडे या अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोत।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • रोज पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
  • अपनी डाइट को ऐसा रखें जिसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके।

इन आदतों पर लगातार काम करने से शरीर में धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

अपनी प्रोग्रेस सिर्फ वजन से नहीं, इन तरीकों से भी जांचें

अगर आपका लक्ष्य फिट होना और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करना है, तो प्रोग्रेस देखने के कई दूसरे तरीके भी हैं।

कमर का नाप: हर कुछ हफ्तों में कमर और पेट का माप लें।

फोटो: हर 2-4 सप्ताह में लगभग एक जैसी रोशनी और कपड़ों में तस्वीर लेकर तुलना करें।

कपड़ों की फिटिंग: अगर पुराने कपड़े ढीले होने लगे हैं, तो यह भी बदलाव का संकेत हो सकता है।

ताकत और स्टैमिना: देखें कि क्या आप पहले से ज्यादा वजन उठा पा रहे हैं या सीढ़ियां चढ़ते समय कम थक रहे हैं।

10 किलो का नंबर लक्ष्य हो सकता है, पूरी कहानी नहीं

वजन कम करने की इच्छा बिल्कुल सामान्य है और किसी निश्चित लक्ष्य से आपको मोटिवेशन भी मिल सकता है। लेकिन फिटनेस की सफलता को केवल तराजू के एक नंबर से तय करना सही नहीं है।

अगर आपकी कमर कम हो रही है, ताकत बढ़ रही है, स्टैमिना बेहतर हो रहा है और आपकी रोजमर्रा की आदतें सुधर रही हैं, तो ये भी आपकी प्रोग्रेस के महत्वपूर्ण संकेत हैं।

इसलिए अगली बार जब आप वजन मशीन पर खड़े हों, तो सिर्फ यह मत देखिए कि कितने किलो कम हुए। यह भी देखिए कि आपका शरीर, आपकी ताकत और आपकी आदतें कितनी बदली हैं।

FAQs

क्या 10 किलो वजन कम करने का लक्ष्य रखना सही है?
10 किलो का लक्ष्य रखा जा सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी या उपयुक्त लक्ष्य नहीं होता। वजन घटाने का लक्ष्य व्यक्ति की शुरुआती स्थिति और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है।

Fat Loss और Weight Loss में क्या अंतर है?
Weight Loss का मतलब शरीर के कुल वजन में कमी है, जबकि Fat Loss का मतलब शरीर की अतिरिक्त चर्बी में कमी होना है। वजन में बदलाव पानी और मसल्स की वजह से भी हो सकता है।

क्या रोज वजन चेक करना जरूरी है?
रोजाना वजन करने पर प्राकृतिक उतार-चढ़ाव दिखाई दे सकते हैं। इसलिए प्रोग्रेस को एक दिन के आंकड़े के बजाय समय के साथ दिखने वाले ट्रेंड से देखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

वजन घटाने की प्रोग्रेस कैसे मापें?
वजन के साथ कमर का नाप, कपड़ों की फिटिंग, तस्वीरें, ताकत, स्टैमिना और रोजमर्रा की फिटनेस में बदलाव को भी ट्रैक किया जा सकता है।