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अब अस्पताल के बिल का नहीं सताएगा डर! मात्र ₹1000 महीने के खर्च पर खरीदें 3 साल का मेडिक्लेम, जानें क्या है यह नई स्कीम

 

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना अब पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। अब ग्राहकों को पूरी पॉलिसी का प्रीमियम एक साथ देने के बजाय हर महीने या तीन महीने में किस्तों के जरिए भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। इस मॉडल का उद्देश्य परिवारों पर एक बार में पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।इस नए तरीके को सब्सक्रिप्शन आधारित EMI मॉडल कहा जा रहा है। इसके तहत कुछ हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में ग्राहक तीन साल तक की पॉलिसी के लिए मासिक या तिमाही किस्तों में भुगतान कर सकते हैं।

कैसे काम करता है EMI वाला हेल्थ इंश्योरेंस?

पहले ज्यादातर ग्राहक हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम सालाना या कई सालों के लिए एक साथ जमा करते थे। लेकिन अब कुछ प्लान में किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है।उदाहरण के लिए, अगर किसी तीन साल की पॉलिसी का कुल प्रीमियम 36,000 रुपये है, तो मासिक भुगतान के हिसाब से यह रकम 1,000 रुपये प्रति महीने के बराबर होगी। इस तरह ग्राहक को शुरुआत में पूरी रकम एक साथ देने की जरूरत नहीं पड़ सकती।हालांकि, वास्तविक किस्त, अतिरिक्त शुल्क और भुगतान की शर्तें बीमा कंपनी तथा चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करेंगी।

ग्राहकों के बीच बढ़ रहा EMI का चलन

पॉलिसीबाजार के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 13 प्रतिशत ग्राहक अब हेल्थ इंश्योरेंस के लिए मासिक या तिमाही भुगतान का विकल्प चुन रहे हैं। रिपोर्ट में औसत सालाना प्रीमियम या EMI टिकट साइज करीब 17,500 रुपये बताया गया है।इससे पता चलता है कि ग्राहक अपने स्वास्थ्य बीमा के खर्च को मासिक बजट के अनुसार बांटना पसंद कर रहे हैं। खासकर उन परिवारों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है, जिनके लिए एक साथ बड़ी रकम देना मुश्किल होता है।

क्या तीन साल तक प्रीमियम नहीं बढ़ेगा?

मल्टी-ईयर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का एक संभावित फायदा यह है कि पॉलिसी की तय अवधि के दौरान प्रीमियम की शर्तें पहले से निर्धारित हो सकती हैं। इससे हर साल नवीनीकरण के समय प्रीमियम में होने वाले बदलावों की चिंता कम हो सकती है।हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर पॉलिसी में तीन साल तक प्रीमियम बिल्कुल समान रहे। इसके लिए बीमा कंपनी की शर्तें, पॉलिसी में बदलाव और लागू नियमों को ध्यान से समझना चाहिए।

हेल्थ इंश्योरेंस की EMI के तीन बड़े फायदे

पहला फायदा: एक साथ बड़ी रकम देने से राहत। मासिक या तिमाही किस्तों से परिवार अपने बजट के अनुसार भुगतान कर सकता है।

दूसरा फायदा: लंबे समय की सुरक्षा। मल्टी-ईयर पॉलिसी से बार-बार नवीनीकरण कराने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, किस्तें समय पर जमा करना और पॉलिसी की शर्तें पूरी करना जरूरी है।

तीसरा फायदा: भुगतान में सुविधा। ग्राहक अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार उपलब्ध भुगतान विकल्प चुन सकते हैं और स्वास्थ्य बीमा के खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।

पॉलिसी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

EMI पर हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले यह जरूर जांचें कि कुल भुगतान कितना होगा, कोई अतिरिक्त शुल्क तो नहीं लगेगा, किस्त न भरने पर क्या होगा और पॉलिसी में अस्पताल का खर्च, पहले से मौजूद बीमारियां तथा वेटिंग पीरियड से जुड़े नियम क्या हैं।कुल मिलाकर, हेल्थ इंश्योरेंस का EMI मॉडल उन परिवारों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है, जो एक साथ बड़ी रकम खर्च किए बिना स्वास्थ्य सुरक्षा लेना चाहते हैं। लेकिन केवल कम मासिक किस्त देखकर पॉलिसी न चुनें। कवरेज, शर्तों और कुल लागत की तुलना करने के बाद ही फैसला लें।