मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल पर सस्पेंस बरकरार, स्टाइपेंड 21,500 करने पर सहमति के बाद भी गतिरोध
भोपाल, 9 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने पर सहमति बनने के बावजूद आंदोलन खत्म होगा या नहीं, इस पर संशय बरकरार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ हुई वार्ता में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपए करने पर सहमति बनी है। साथ ही दो अधिकारियों को लाइन हाजिर किया गया है और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों पर कोई कानूनी केस दर्ज न करने का आश्वासन भी मिला है।
हालांकि, वार्ता के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। बातचीत के बाद एबीवीपी और इंटर्न छात्र आमने-सामने आ गए। आंदोलन खत्म होगा या जारी रहेगा, इसे लेकर अभी असमंजस की स्थिति है। डेलिगेशन के बाकी सदस्यों से चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला साफ होगा।
इस मामले पर एबीवीपी के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन अंतिम निर्णय सभी छात्रों की सहमति से ही लिया जाएगा।
उधर, राजधानी में चल रहे डॉक्टरों के प्रदर्शन के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट पर है। डॉक्टरों के प्रोटेस्ट के बीच ट्रैफिक व्यवस्था पर एसीपी संतोष पटेल ने बयान दिया। एसीपी संतोष पटेल ने बताया, "हमारी प्राथमिकता है कि आम जनता को असुविधा न हो। प्रदर्शनकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए एक लेन हर हाल में खाली रखी जाए।"
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्ट कर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और शहरवासियों से अपील है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही घर से निकलें।
भोपाल कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने कहा, "जिला प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। इंटर्न की मांगों को लेकर कल चर्चा हुई थी, जिसमें मेडिकल कॉलेज में हुई विस्तृत बातचीत भी शामिल थी। उन्हें आज भी बातचीत के लिए बुलाया गया है। जहां तक कानून-व्यवस्था की बात है, ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है और छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण है।"
एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, "अभी हमारी बातचीत चल रही है। कल सुबह हमने मीडिया के जरिए अपना प्रस्ताव और अपनी मांगें रखीं, जिसके बाद सरकार ने काउंटर-प्रपोजल दिया, जिसमें स्टाइपेंड बढ़ाने की रकम शामिल थी।"
जबलपुर में भी आंदोलन का असर दिखा। जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा, "कल शाम इंटर्न और जूनियर डॉक्टर मेरे पास आए और मेमोरेंडम दिया कि वे आज से ओपीडी और इलेक्टिव सर्विस बंद कर देंगे, जबकि इमरजेंसी सर्विस जारी रखेंगे। उनकी मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी है, जो सही है।"
--आईएएनएस
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