क्या आपकी सुबह की चाय बढ़ा रही है फैटी लिवर? जानिए डॉक्टरों ने क्या बताया सच
आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह परेशानी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। फैटी लिवर की स्थिति को आमतौर पर अलग-अलग ग्रेड में समझा जाता है। इनमें ग्रेड-1 फैटी लिवर शुरुआती स्टेज मानी जाती है।
जब किसी व्यक्ति की रिपोर्ट में ग्रेड-1 फैटी लिवर आता है, तो वह अपने खान-पान को लेकर कई तरह के सवाल करने लगता है। भारत में ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय से होती है, ऐसे में सबसे आम सवाल यही होता है कि क्या फैटी लिवर होने पर चाय पीना बंद कर देना चाहिए?
इस बारे में सीके बिड़ला हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अनुकल्प प्रकाश ने जानकारी दी है।
क्या होता है ग्रेड-1 फैटी लिवर?
डॉक्टर के मुताबिक, ग्रेड-1 फैटी लिवर लिवर में फैट जमा होने की शुरुआती स्थिति है। इसमें लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से ज्यादा फैट जमा होने लगता है।
अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्थिति में लाइफस्टाइल और खान-पान में जरूरी बदलाव करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है। वजन को मैनेज करना, नियमित एक्सरसाइज करना और संतुलित डाइट लेना इसमें अहम भूमिका निभाता है।
क्या ग्रेड-1 फैटी लिवर में चाय पी सकते हैं?
डॉक्टर के अनुसार, ग्रेड-1 फैटी लिवर होने पर चाय को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। हालांकि, चाय में डाली जाने वाली चीनी की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञ ने ब्लैक टी को एक विकल्प बताया है। ब्लैक टी में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।
फैटी लिवर में परेशानी सिर्फ चाय से नहीं, बल्कि उसमें ज्यादा मात्रा में डाली गई चीनी और कुल डाइट में अतिरिक्त शुगर से बढ़ सकती है। इसलिए मीठी चाय का नियमित और ज्यादा सेवन करने से बचना बेहतर माना जाता है।
ज्यादा चीनी क्यों हो सकती है नुकसानदायक?
डाइट में ज्यादा अतिरिक्त शुगर लेने से शरीर पर अतिरिक्त कैलोरी का बोझ बढ़ सकता है। खासकर ज्यादा फ्रुक्टोज का सेवन लिवर में फैट जमा होने से जुड़ा हुआ है।
इसी वजह से फैटी लिवर वाले लोगों को मीठे पेय, ज्यादा चीनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है।
फैटी लिवर में कैसी चाय पी सकते हैं?
अगर आपको ग्रेड-1 फैटी लिवर है और आप चाय पीना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है:
- ज्यादा चीनी वाली चाय से बचें।
- बिना चीनी की ब्लैक टी एक विकल्प हो सकती है।
- स्वाद के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार शुगर-फ्री विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- अदरक, दालचीनी, इलायची या लौंग जैसे मसालों वाली चाय ले सकते हैं।
- फुल-क्रीम दूध की जगह लो-फैट या स्किम्ड मिल्क का विकल्प चुना जा सकता है।
- चाय में दूध और चीनी की मात्रा कम रखें।
- चाय के साथ बिस्किट, नमकीन या ज्यादा मीठे स्नैक्स खाने की आदत से बचें।
सिर्फ चाय बदलने से फैटी लिवर ठीक नहीं होगा
यह समझना जरूरी है कि केवल ब्लैक टी पीने से फैटी लिवर खत्म नहीं होता। इसके लिए पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को नियंत्रित रखना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच व इलाज कराना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अगर आपकी रिपोर्ट में फैटी लिवर आया है, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।