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अगर एक फेफड़ा हो जाए बेकार तो क्या होगी सांस लेने में तकलीफ? जानिए क्या एक ही लंग से सामान्य जी सकता है इंसान

 

इंसान के शरीर में दो फेफड़े होते हैं, जिनका मुख्य काम सांस के जरिए ऑक्सीजन शरीर तक पहुंचाना और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालना है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का एक फेफड़ा खराब हो जाए या उसे सर्जरी के जरिए निकालना पड़े, तो क्या वह सामान्य जिंदगी जी सकता है? इसका जवाब है हां। कई लोग सिर्फ एक फेफड़े के सहारे भी लंबे समय तक जीवन जी सकते हैं। हालांकि, यह काफी हद तक दूसरे फेफड़े की सेहत और मरीज की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।कैंसर, गंभीर संक्रमण या किसी बड़ी चोट के कारण कई बार डॉक्टरों को पूरा फेफड़ा निकालने की जरूरत पड़ती है। इस सर्जरी को मेडिकल भाषा में न्यूमोनेक्टोमी (Pneumonectomy) कहा जाता है। हालांकि, एक फेफड़े के साथ जीवित रहना संभव है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता पहले जैसी ही रहेगी। उम्र, दिल की सेहत और पहले से मौजूद बीमारियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं।

क्या एक स्वस्थ फेफड़ा पूरे शरीर की जरूरत पूरी कर सकता है?

जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन के मुताबिक, एक स्वस्थ फेफड़ा आराम की स्थिति में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन देने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने में सक्षम हो सकता है। यही वजह है कि एक फेफड़े के काम करना बंद कर देने या सर्जरी से निकाल दिए जाने के बाद भी व्यक्ति जीवित रह सकता है।हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि दूसरा फेफड़ा अच्छी तरह काम कर रहा हो। अगर बचे हुए फेफड़े में भी सीओपीडी, संक्रमण या दूसरी गंभीर बीमारी है, तो सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो सकती है। इसलिए मरीज की स्थिति का आकलन करने के लिए दोनों फेफड़ों की सेहत और उनकी कार्यक्षमता की जांच जरूरी होती है।

एक फेफड़ा खराब होना और उसे सर्जरी से निकलवाना अलग-अलग स्थितियां हैं

क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, एक फेफड़े का ठीक से काम नहीं करना और उसे ऑपरेशन करके शरीर से निकाल देना दो अलग-अलग परिस्थितियां हैं। संक्रमण, चोट, कैंसर या सांस की नलियों में रुकावट जैसी समस्याओं के कारण फेफड़े की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

वहीं, न्यूमोनेक्टोमी में डॉक्टर पूरा दायां या बायां फेफड़ा निकाल देते हैं। आमतौर पर यह सर्जरी फेफड़ों के कैंसर और कुछ गंभीर बीमारियों के मामलों में की जाती है। कुछ मरीजों में बीमारी की गंभीरता और उसके फैलाव के आधार पर फेफड़े का केवल एक हिस्सा निकालने की सर्जरी भी की जा सकती है।

क्या एक फेफड़े के साथ चलना, काम करना और सामान्य जिंदगी जीना संभव है?

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, कई लोग एक फेफड़े के साथ भी रोजमर्रा के काम करने में सक्षम होते हैं। सर्जरी के बाद रिकवरी पूरी होने पर वे चलना-फिरना, घर के काम करना और अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पर वापस लौट सकते हैं।

हालांकि, शुरुआत में शारीरिक गतिविधियों के दौरान कुछ परेशानियां हो सकती हैं। उदाहरण के लिए:

  • सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना।

  • तेज चलने या दौड़ने में परेशानी होना।

  • जल्दी थकान महसूस होना।

  • भारी सामान उठाने में दिक्कत होना।

  • पहले के मुकाबले शारीरिक क्षमता कम महसूस होना।

समय के साथ कुछ लोगों की शारीरिक क्षमता में सुधार होता है। हालांकि, हर मरीज की रिकवरी अलग होती है। यह उसकी उम्र, सर्जरी के कारण और दूसरे फेफड़े की स्थिति पर निर्भर करता है।

एक फेफड़े के साथ स्वस्थ रहने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर के अनुसार, एक फेफड़े के साथ जीवन जी रहे लोगों के लिए बचे हुए फेफड़े की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए कुछ आदतें अपनाई जा सकती हैं:

  1. धूम्रपान से दूरी: सिगरेट और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि इनसे फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

  2. नियमित जांच: डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और फॉलो-अप कराएं।

  3. हल्की एक्सरसाइज: डॉक्टर की अनुमति से धीरे-धीरे पैदल चलने और दूसरी शारीरिक गतिविधियों की शुरुआत करें।

  4. संक्रमण से बचाव: खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

  5. टीकाकरण: फ्लू और निमोनिया जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए डॉक्टर से जरूरी टीकों के बारे में सलाह लें।

कुल मिलाकर, एक फेफड़ा खराब होने या सर्जरी से निकाल दिए जाने के बाद भी इंसान लंबे समय तक जीवन जी सकता है। कई लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी लौट आते हैं। हालांकि, इसके लिए दूसरे फेफड़े का स्वस्थ होना, नियमित मेडिकल देखभाल और सही जीवनशैली जरूरी है। सांस लेने में अचानक परेशानी या गंभीर तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।