मेघालय सरकार पूरे राज्य में एचआईवी जागरूकता अभियान को तेज करेगी
शिलांग, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मेघालय 'इंटेंसिफाइड आईईसी कैंपेन 3.0' शुरू करके एचआईवी और यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूत करने जा रहा है। इस कैंपेन में युवाओं, शुरुआती जांच, इलाज और बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा।
राज्यभर में दो महीने तक चलने वाला यह अभियान बुधवार को लेडी कीन कॉलेज में 'अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस' के कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री वाइलाडमिकी श्यल्ला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
यह अभियान राज्य में एचआईवी के लगातार बढ़ते बोझ और उन सामाजिक बाधाओं को देखते हुए शुरू किया जा रहा है जो अक्सर लोगों को जांच करवाने या इलाज लेने से रोकती हैं। मेघालय एड्स कंट्रोल सोसाइटी के नवंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 10,000 से ज्यादा लोगों (जिनमें लगभग 500 बच्चे भी शामिल हैं) में एचआईवी/एआईडीएस की पहचान हुई थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईस्ट जयंतिया हिल्स चिंता का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। राष्ट्रीय एचआईवी अनुमानों से यह भी पता चला है कि मेघालय में वयस्कों में एचआईवी का प्रसार राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।
अभियान का मकसद पारंपरिक संदेशों से आगे बढ़कर जागरूकता गतिविधियां चलाना है, जिसके लिए शिक्षण संस्थानों, गांवों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए समुदायों तक पहुंचा जाएगा। इसके लक्षित समूहों में किशोर और युवा, छात्र, गर्भवती महिलाएं, संवेदनशील समुदाय, स्वास्थ्यकर्मी, सरकारी अधिकारी, सामुदायिक प्रतिनिधि, मीडिया पेशेवर और सोशलमीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं।
अधिकारियों की योजना रैलियां, रोडशो, गांव की बैठकें, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, स्क्रीनिंग और काउंसलिंग कैंप और घर-घर जाकर संपर्क करने की है। एचआईवी और एसटीआई से जुड़ी जानकारी को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए कम्युनिटी रेडियो, डिजिटल अभियान, लोक प्रदर्शन और फ्लैश मॉब का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
अभियान एचआईवी के फैलने और उससे बचाव, सुरक्षित यौन व्यवहार, एसटीआई से बचाव, शुरुआती पहचान और इलाज, और एचआईवी से जुड़ी गलतफहमियों जैसे मुद्दों पर बात करेगा। यह नशीले पदार्थों के सेवन और एचआईवी के फैलने के बीच के संबंध पर भी प्रकाश डालेगा।
मेघालय ने पहले भी एचआईवी जागरूकता के लिए समुदाय-आधारित तरीके अपनाए हैं, खासकर जयंतिया हिल्स में, जहां युवाओं पर केंद्रित अभियानों में जांच, सही जानकारी और एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के प्रति सहानुभूति पर जोर दिया गया है।
--आईएएनएस
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