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मेघालय में पुनर्वास केंद्र खुला, राज्य की सुविधाओं के लिए 'एसओपी' लागू की गईं

 

गुवाहाटी, 22 सितंबर (आईएएनएस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने मंगलवार को पश्चिम गारो हिल्स के तुरा में बल्लोंगरे-गाम्बेग्रे में सेवा इनलैंड-ड्रीम पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के राज्य के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

सांगमा ने मेघालय भर के पुनर्वास केंद्रों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य इन सुविधाओं के संचालन में अधिक एकरूपता और जवाबदेही लाना है।

यह पुनर्वास केंद्र ड्रग रिडक्शन, एलिमिनेशन एंड एक्शन मिशन (ड्रीम) के तहत स्थापित किया गया है, जो राज्य सरकार की एक पहल है। इसका उद्देश्य मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम करना और प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को उपचार, पुनर्वास और सहायता प्रदान करना है।

मेघालय सरकार ने 2023 में ड्रीम को एक मिशन-मोड कार्यक्रम के रूप में मंजूरी दी थी, जिसका व्यापक उद्देश्य नशामुक्त राज्य की दिशा में काम करना है।

संगमा ने कहा कि इस पहल में पुलिस, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण विभाग, जिला प्रशासन और युवा संगठनों सहित कई सरकारी विभाग और स्थानीय हितधारक, साथ ही समुदाय भी शामिल हैं, ताकि समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह नया पुनर्वास केंद्र मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से प्रभावित लोगों के लिए सहायता, देखभाल और पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'अधिक स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सहायक मेघालय' बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेगी, साथ ही सरकारी कार्यक्रमों के केंद्र में नागरिकों और उनके योगदान को रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष जनवरी में मेघालय भर में संचालित पुनर्वास केंद्रों के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए गठित एक समिति के बाद हुई है।

राज्य सरकार ड्रीम कार्यक्रम के तहत प्रवर्तन और जागरूकता पहलों के साथ-साथ पुनर्वास, परामर्श और सामुदायिक भागीदारी पर अधिक जोर दे रही है।

समाज कल्याण विभाग इस मिशन के अंतर्गत नशामुक्ति केंद्रों के उपचार, पुनर्वास और प्रबंधन में भी शामिल रहा है।

तुरा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री विशेष विकास कोष (सीएमएसडीएफ) के तहत युवा समूहों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्यमियों और महिला संगठनों को स्वीकृतियां भी सौंपीं।

सांगमा ने गारो हिल्स क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए आम लोगों से भी बातचीत की।

राज्य सरकार की नवीनतम पहलों का उद्देश्य नशा मुक्ति के लिए संस्थागत सहायता को मजबूत करना और नशा मुक्ति चाहने वाले लोगों को उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतरता में सुधार करना है।

--आईएएनएस

एमएस/