हैदराबाद : चालान से बचने के लिए बीएमडब्ल्यू में लगाई रिमोट कंट्रोल फ्लिप नंबर प्लेट, चालक गिरफ्तार
हैदराबाद, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। हैदराबाद में ट्रैफिक पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू ड्राइवर को तब पकड़ा, जब उसने कथित तौर पर चालान से बचने के लिए अपनी कार की नंबर प्लेट में एक हाईटेक तरीके का इस्तेमाल किया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात पॉश इलाका जुबली हिल्स में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चेकिंग के दौरान पुलिस ने इस ट्रिक का पता लगाया।
पुलिस के मुताबिक, गाड़ी का मालिक कथित तौर पर ट्रैफिक जुर्माने से बचने के लिए नंबर प्लेट बदल रहा था। कथित तौर पर नशे में आरोपी ने रिमोट से कंट्रोल होने वाली फ्लिप नंबर प्लेट लगाई हुई थी, जिससे वह एक बटन दबाकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर बदल सकता था।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी कार में नंबर प्लेट बदलने के लिए एक एडवांस सिस्टम देखकर हैरान रह गए। आरोपी ने चालान से बचने के लिए दो नंबर प्लेटें दिल्ली और तेलंगाना की लगाई हुई थीं।
कहा जा रहा है कि यह अपनी तरह की पहली घटना है, जिसमें किसी कार में नंबर प्लेट बदलने के लिए हाईटेक सिस्टम लगा हुआ पाया गया है। पुलिस ने गाड़ी जब्त कर ली है और मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी है।
इस बीच, हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने रविवार को बताया कि पिछले दो दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुल 466 मामले दर्ज किए गए हैं। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे शहर में सख्त कार्रवाई जारी है। इनमें से ज्यादातर मामले दोपहिया वाहनों (404) से जुड़े हैं। सबसे ज्यादा उल्लंघन 21-30 आयु वर्ग में पाए गए।
पुलिस ने बताया कि 16 अपराधियों को दोषी ठहराया गया और जेल की सजा सुनाई गई।
इस बीच, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (सीटीपी) ने सप्ताहांत में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 240 आरोपियों को पकड़ा गया।
इस अभियान के दौरान कुल 193 दोपहिया, नौ तिपहिया और 38 चारपहिया वाहन पकड़े गए।
सभी को उनके ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (बीएसी) के स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया। 199 दोषियों का बीएसी स्तर 36 एमजी/100 एमएल से 200 एमजी/100 एमएल के बीच था, जबकि 32 का बीएसी स्तर 201 एमजी/100 एमएल से 300 एमजी/100 एमएल के बीच था। बाकी बचे नौ दोषियों के बीएसी लेवल 301 एमजी/100 एमएल से लेकर 550 एमजी/100 एमएल के बीच थे।
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सभी को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस ने फिर दोहराया कि शराब के नशे में गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है। अगर कोई व्यक्ति नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए पाया जाता है और उसकी वजह से कोई जानलेवा हादसा हो जाता है, तो ऐसे व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत अधिकतम सजा 10 साल की जेल और जुर्माना है।
--आईएएनएस
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