गुजरात: रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद परिवार बीमार, 5 साल की बच्ची की मौत
सूरत, 18 अगस्त (आईएएनएस)। सूरत के वराछा इलाके में एक रेस्टोरेंट से मंगाया गया खाना खाने के बाद परिवार के पांच सदस्य बीमार पड़ गए और उनमें से एक पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। जांच में खराब और गलत तरीके से रखा गया खाना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रेस्टोरेंट को बंद करवा दिया।
वराछा की रनुजाधाम सोसाइटी में रहने वाले अशोक कलसारिया के परिवार ने 15 अगस्त की शाम शीतल रेस्टोरेंट से पंजाबी खाना मंगवाया था, जिसमें काजू-पनीर की डिश भी शामिल थी।
कुछ ही घंटों में परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द जैसी समस्या आने लगी।
अशोक के चचेरे भाई भावेशभाई कलसारिया के अनुसार, सबसे पहले लक्षण 16 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे दिखे, जब अशोक और उनकी एक बेटी को पेट में तेज दर्द हुआ।
भावेशभाई ने बताया, "उन्हें एक स्थानीय क्लिनिक ले जाया गया, जहां सुबह करीब 9 बजे दवाएं दी गईं, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।"
बाद में उसी दिन जब परिवार के बाकी सदस्यों की हालत बिगड़ने लगी तो सभी पांचों को इलाज के लिए पुनागाम के सदविचार अस्पताल ले जाया गया।
परिवार ने जिस पांच साल की बच्ची की पहचान आर्या के तौर पर की है, उसकी मौत 17 अगस्त की रात अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में लाए जाने के बाद हो गई। परिवार वालों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के करीब 15 से 20 मिनट के अंदर ही उसकी मौत हो गई।
अशोक, उनकी पत्नी और उनकी दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है। परिवार ने बताया कि बचे हुए चार सदस्यों की मेडिकल जांच से फूड पॉइजनिंग का पता चला है।
हालांकि, बच्ची की मौत की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है और बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए स्मिमर अस्पताल भेजा है।
पैनल पोस्टमॉर्टम के आदेश दिए गए हैं और उम्मीद है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या मौत की वजह फूड पॉइजनिंग थी।
इस घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने फोन पर पीड़ित परिवार से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने घटना और चार मरीजों की हालत के बारे में जानकारी लेने के लिए सूरत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल पटेल और सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी डॉ. उमरीगर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की।
पानशेरिया ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित परिवार के सदस्यों को सही इलाज मिले और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई करने और अगर शीतल रेस्टोरेंट दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने (जिसमें रेस्टोरेंट को सील करना भी शामिल है) का भी निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे पूरे गुजरात के रेस्तरां में सफाई, स्वच्छता और खाद्य-सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, "अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।"
इस बीच, फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने शीतल रेस्तरां का निरीक्षण किया। एक अधिकारी ने बताया कि टीम को वहां खराब खाना और बिना ढकी हुई सब्जियां मिलीं।
अधिकारी ने कहा, "फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने पर हमारी टीम मंगलवार सुबह यहां पहुंची। हमने निरीक्षण किया और खराब खाने की सभी चीजों को नष्ट करने का आदेश दिया। एक लड़की की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमने पूरा रेस्तरां बंद कर दिया है।"
अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चना दाल जैसी चीजें खराब पाई गईं, जबकि कुछ सब्जियां थोड़ी खराब हो चुकी थीं और उन्हें खुला छोड़ दिया गया था। पनीर भी खुला हुआ पाया गया।
निरीक्षण के दौरान खाने की चीजों को नष्ट कर दिया गया। अधिकारी ने कहा, "हमें पता चला है कि उन्होंने 15 अगस्त को यहां से सब्जियां और अन्य सामान खरीदा था, जिसके बाद उन्हें फूड पॉइजनिंग हो गई।" उन्होंने कहा कि रेस्तरां मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने यह भी कहा कि पहले इस प्रतिष्ठान से लिए गए सैंपल क्वालिटी टेस्ट में पास हो चुके थे।
परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे जिम्मेदारी तय करने से पहले रेस्तरां द्वारा सप्लाई किए गए खाने और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच करें।
जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि क्या रेस्तरां के दूषित खाने की वजह से बीमारी हुई और लड़की की मौत हुई।
--आईएएनएस
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