Heart Health Tips: कार्डियोलॉजिस्ट ने बताईं दिल को स्वस्थ रखने की 4 आदतें, रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे करें शामिल
दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए सिर्फ बीमारी होने के बाद सावधानी बरतना पर्याप्त नहीं माना जाता। रोजाना की लाइफस्टाइल, खान-पान, शारीरिक गतिविधि और तनाव का स्तर भी ओवरऑल हार्ट हेल्थ से जुड़ा होता है। लंबे समय तक बैठे रहना, अनियमित खान-पान और लगातार तनाव जैसी आदतों को कम करना स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज ने सोशल मीडिया पर अपनी रोजमर्रा की कुछ आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें वह अपनी हार्ट हेल्थ रूटीन का हिस्सा मानते हैं। करीब 25 साल से कार्डियोलॉजी की प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर के अनुसार, इन आदतों में नियमित एक्टिविटी से लेकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और तनाव कम करने वाली गतिविधियां शामिल हैं।
रोजाना शरीर को एक्टिव रखते हैं
डॉ. भोजराज के डेली रूटीन में वॉकिंग शामिल है। वह अपने डॉग को घुमाने के दौरान रोज चलते हैं और कोशिश करते हैं कि दिन का अधिकांश समय लगातार बैठे हुए न गुजरे।
उनका फोकस किसी बेहद कठिन एक्सरसाइज के बजाय नियमित रूप से शरीर को एक्टिव रखने पर है। जो लोग ऑफिस या घर पर लंबे समय तक बैठे रहते हैं, वे भी बीच-बीच में उठकर कुछ देर चलने-फिरने की आदत बना सकते हैं।
डाइट पर रखते हैं खास ध्यान
हार्ट हेल्थ के लिए खान-पान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. भोजराज के मुताबिक, वह अपनी डाइट में ऐसी चीजों को प्राथमिकता देते हैं जो मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट करें।
इसका मतलब है कि सिर्फ कैलोरी या वजन पर ध्यान देने के बजाय रोजाना के भोजन की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों पर भी ध्यान दिया जाए। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पोषण से भरपूर डाइट को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाना जरूरी है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी रूटीन में शामिल
डॉ. भोजराज अपने फिटनेस रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी जगह देते हैं। इसके लिए वह पर्सनल ट्रेनर की मदद लेते हैं और मसल्स को मजबूत बनाए रखने वाली एक्सरसाइज करते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है। नियमित रेजिस्टेंस एक्सरसाइज को फिटनेस रूटीन में शामिल करना मसल्स और शारीरिक क्षमता को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
तनाव कम करने के लिए करते हैं मेडिटेशन
हार्ट हेल्थ के साथ तनाव को मैनेज करना भी जरूरी है। डॉ. भोजराज अपने रूटीन में म्यूजिक, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों को शामिल करते हैं।
इन गतिविधियों का उद्देश्य शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने के लिए रोज कुछ समय निकालना है। लंबे समय तक तनाव महसूस करने वाले लोगों के लिए भी नियमित रिलैक्सेशन एक्टिविटी उपयोगी हो सकती हैं।
हार्ट हेल्थ के लिए छोटे बदलाव भी अहम
डॉ. भोजराज की बताई रूटीन से यह समझा जा सकता है कि फिटनेस के लिए हमेशा बहुत कठिन एक्सरसाइज या बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। रोजाना कुछ समय चलना-फिरना, संतुलित भोजन करना, मसल्स को मजबूत रखने के लिए एक्सरसाइज करना और तनाव कम करने के लिए समय निकालना हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हालांकि, हार्ट हेल्थ हर व्यक्ति की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए किसी नई एक्सरसाइज या डाइट रूटीन को अपनाने से पहले जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इसे किसी बीमारी के निदान या इलाज का विकल्प न मानें। हार्ट से जुड़े लक्षण या कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।