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Gen Z Fitness Mantra: जिम छोडिए! बाबा रामदेव के ये 5 योगासन युवाओं को रखेंगे एकदम फिट और एनर्जेटिक

 

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना हर किसी के लिए जरूरी है, लेकिन इसके लिए महंगे जिम या भारी-भरकम वर्कआउट करना ही जरूरी नहीं है। बाबा रामदेव ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर युवाओं और Gen Z को फिटनेस को लेकर जागरूक रहने की सलाह दी है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में खान-पान और शारीरिक गतिविधियों को लेकर लोगों में पहले जैसी जागरूकता नहीं दिखाई देती। ऐसे में जरूरी है कि हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या में किसी न किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी जरूर शामिल करे।

अगर आपको जिम जाकर वेट ट्रेनिंग या कठिन वर्कआउट करना पसंद नहीं है, तो आप साइकिल चला सकते हैं, सुबह दौड़ लगा सकते हैं या स्विमिंग कर सकते हैं। इसके अलावा बैडमिंटन जैसे खेल भी शरीर को एक्टिव रखने का अच्छा तरीका हो सकते हैं।

बाबा रामदेव ने ऐसी 5 देसी कसरतों के बारे में भी बताया है, जिन्हें बिना किसी खास उपकरण के घर पर किया जा सकता है। इन एक्सरसाइज से शरीर की ताकत, लचीलापन और स्टैमिना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

1. सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार योग की 12 अलग-अलग मुद्राओं का एक क्रम है। इसे करते समय सांस लेने और छोड़ने का सही तालमेल बनाए रखना जरूरी होता है।

सूर्य नमस्कार में शरीर के कई हिस्से एक साथ एक्टिव होते हैं। हाथ, पैर, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियों पर इसका असर पड़ता है। नियमित रूप से करने पर शरीर के लचीलेपन में सुधार हो सकता है। इसे थोड़ी तेज गति से करने पर यह एक तरह की कार्डियो गतिविधि की तरह भी काम कर सकता है।

2. बैठक यानी स्क्वैट्स

देसी कसरतों में बैठक को काफी पुरानी और आसान एक्सरसाइज माना जाता है। इसे आज की भाषा में स्क्वैट्स कहा जाता है। यह खास तौर पर पैरों और हिप्स की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए की जाती है।

इसे करने के लिए पैरों को थोड़ा खोलकर सीधे खड़े हों और घुटनों को मोड़ते हुए धीरे-धीरे नीचे बैठें। ध्यान रखें कि एड़ियां जमीन से न उठें। इसके बाद पैरों पर जोर देते हुए वापस खड़े हो जाएं।

बैठक करते समय जल्दबाजी न करें। सही तरीके और अपनी क्षमता के अनुसार इसे करना ज्यादा जरूरी है।

3. स्कंदासन

स्कंदासन एक तरह का साइड लंज है। इसमें शरीर का वजन एक पैर पर डालकर घुटने को मोड़ा जाता है, जबकि दूसरा पैर सीधा रखा जाता है। इसके बाद यही प्रक्रिया दूसरी तरफ की जाती है।

यह एक्सरसाइज शरीर के उन हिस्सों पर भी काम करती है, जिनका इस्तेमाल रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों में कम होता है। इससे कूल्हों और जांघों के लचीलेपन पर काम किया जा सकता है और शरीर का बैलेंस बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

4. साधारण दंड

साधारण दंड को आज के समय के पुश-अप्स से समझा जा सकता है। यह शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत बढ़ाने वाली पारंपरिक कसरत है।

इसे करते समय शरीर को नीचे की ओर ले जाना और फिर हाथों के सहारे वापस ऊपर उठाना होता है। शरीर को सीधा रखना और पेट की मांसपेशियों को सक्रिय रखना जरूरी है।

दंड से छाती, कंधों और बाजुओं की मांसपेशियों पर काम होता है। अगर आप पहली बार शुरुआत कर रहे हैं, तो अपनी क्षमता से ज्यादा करने की कोशिश न करें। जरूरत पड़ने पर आसान वर्जन से शुरुआत करके धीरे-धीरे कठिनाई बढ़ाई जा सकती है।

5. हनुमान दंड

हनुमान दंड साधारण दंड से थोड़ा अलग और चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें शरीर सिर्फ ऊपर-नीचे नहीं जाता, बल्कि एक फ्लो में आगे और पीछे की दिशा में भी मूव करता है।

इसमें शरीर नीचे की ओर जाने के बाद आगे की तरफ बढ़ता है और भुजंगासन जैसी स्थिति में ऊपर उठता है। इसके कारण कंधे, हाथ, छाती, कमर और पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों पर एक साथ काम होता है।

यह सामान्य पुश-अप्स की तुलना में कठिन हो सकता है, इसलिए इसे सही तकनीक सीखकर और अपनी क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

फिट रहने के लिए जरूरी है नियमितता

बाबा रामदेव का संदेश यही है कि फिटनेस के लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति जिम जाए या महंगे उपकरण खरीदे। अपनी पसंद और क्षमता के हिसाब से रोजाना कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। साइकिलिंग, रनिंग, स्विमिंग, बैडमिंटन, योग या ये देसी कसरतें—आप अपनी दिनचर्या में इनमें से किसी को शामिल कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और किसी डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है। नया वर्कआउट शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखें। चोट, दर्द या किसी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।