गर्मियों में पैरों की देखभाल बेहद जरूरी, अपनाएं ये आसान और असरदार तरीके
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। इन दिनों मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। सुबह-शाम ठंड और दिन भर गर्मी बनी रहती है। ऐसे में शरीर के साथ-साथ पैरों की देखभाल भी एक बड़ी जरूरत बन जाती है। तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी का सबसे ज्यादा असर पैरों पर ही पड़ता है, क्योंकि वे पूरे दिन जूते-चप्पलों में बंद रहते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में पैरों में दुर्गंध, खुजली, जलन और फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं।
ऐसे में कुछ आसान आदतों को अपनाकर आप अपने पैरों को स्वस्थ, साफ और संक्रमण से दूर रख सकते हैं।
आयुर्वेद में नीम को एक प्राकृतिक कीटाणुनाशक माना गया है, जो त्वचा को साफ और सुरक्षित रखता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्वों का उपयोग संक्रमण के खतरे को कम करता है। नहाते समय अगर पानी में थोड़ी मात्रा में नीम का तेल या प्राकृतिक क्लीनिंग तत्व मिलाया जाए तो इससे पैरों की सफाई और भी बेहतर हो सकती है।
नहाने के बाद पैरों को ठीक से सुखाना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं तो नमी ही फंगस के पनपने का सबसे बड़ा कारण होती है। खासकर उंगलियों के बीच का हिस्सा अगर गीला रह जाए तो वहां संक्रमण जल्दी हो सकता है। इससे त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, इसलिए तौलिये से अच्छी तरह पोंछना और थोड़ी देर हवा या धूप में पैर सुखाना एक सरल उपाय है।
जूते-चप्पलों का चुनाव भी पैरों की सेहत में बड़ी भूमिका निभाता है। गर्मियों में ऐसे फुटवियर पहनने चाहिए जिनमें हवा आसानी से अंदर-बाहर हो सके। सिंथेटिक और बहुत टाइट जूते पसीने को रोकते हैं, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। सांस लेने वाले मटेरियल से बने जूते पैरों को सूखा रखते हैं। सही मोजे पहनना और समय-समय पर जूते बदलना भी इस दिशा में मददगार होता है।
पैरों की नियमित सफाई और मृत त्वचा को हटाना भी बेहद जरूरी है। जब त्वचा पर डेड स्किन जमा हो जाती है तो वह बैक्टीरिया के लिए जगह बना देती है। घर पर ही प्राकृतिक तरीके से स्क्रब बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता है। जैसे शक्कर और नारियल तेल का मिश्रण त्वचा को साफ करने के साथ उसे मुलायम भी बनाता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और त्वचा नई व स्वस्थ बनी रहती है। हफ्ते में एक बार यह प्रक्रिया अपनाने से पैरों की त्वचा साफ और ताजगी भरी रहती है।
--आईएएनएस
डीकेपी/