चंदन : खून की सेहत सुधारने वाली अनमोल लकड़ी, डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम ने दस्तक दे दी है। लिहाजा, दिन-ब-दिन देश के कई हिस्सों का तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। आयुर्वेद के पास ऐसी कई औषधियां हैं, जिनके सेवन से न केवल तन-मन को ठंडक मिलती है बल्कि कई शारीरिक समस्याओं की छुट्टी करने में भी कारगर है। ऐसी ही अनमोल औषधि है चंदन की लकड़ी।
केंद्र सरकार का पर्यावरण व वन मंत्रालय चंदन के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी देता है। चंदन एक खास और सुगंधित लकड़ी है जो शरीर को ठंडक पहुंचाने और खून की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसका वानस्पतिक नाम सैंटलम एल्बम लिन है। चंदन की लकड़ी के हार्टवुड हिस्से को मुख्य रूप से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
चंदन की लकड़ी के सेवन से सेहत को एक-दो नहीं बल्कि अनगिनत लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद में चंदन की लकड़ी को खास स्थान मिला हुआ है। यह डायबिटीज की समस्या, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में जलन के साथ ही कमजोरी व थकान को दूर करने में भी कारगर है। ऐसे में आयुर्वेद चंदन के सेवन की सलाह देता है।
चंदन की लकड़ी का काढ़ा और चंदन पाउडर के नियमित इस्तेमाल से मरीजों को राहत मिलती है व पेशाब में जलन कम, ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित और शरीर में ठंडक का अहसास होता है। चंदन के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। यह डायबिटीज के नियंत्रण में मदद करता है क्योंकि इसमें मौजूद गुण ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं। पेशाब में जलन की समस्या में चंदन बहुत प्रभावी है। यह मूत्र मार्ग की समस्याओं को खत्म करने में कारगर है।
रक्तस्राव संबंधी विकारों में भी चंदन का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। यह खून को शुद्ध करने और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है। चंदन की ठंडक शरीर के अंदरूनी गर्मी को कम करती है, जिससे त्वचा की समस्याएं, चिड़चिड़ापन और गर्मी से होने वाली परेशानियां दूर होती हैं। आयुर्वेद में चंदन को शीतल (ठंडा) द्रव्य माना गया है। यह हृदय को शांति देता है, तनाव कम करता है और शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है। चंदन का लेप त्वचा पर लगाने से मुंहासे, सूजन और जलन में आराम मिलता है।
चंदन को दिनचर्या में शामिल करने से यह सुगंधित लकड़ी न सिर्फ शरीर को ठंडक देती बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत दिलाती है। हालांकि, चंदन का सेवन हमेशा आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए।
--आईएएनएस
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