गर्मी में बढ़ा 'हीट स्ट्रोक' का खतरा, शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में बढ़ती गर्मी के साथ हीट स्ट्रोक का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच भारत सरकार के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संगठन भी लगातार गर्मी के प्रकोप से बचाव के उपाय सुझा रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गर्मी में हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने आम लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, यदि शरीर में कुछ असामान्य लक्षण दिखें तो उन्हें नजरअंदाज न करें, क्योंकि देर होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। मिशन के अनुसार, गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक एक आम लेकिन खतरनाक समस्या बन सकती है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी सबसे बेहतर उपाय है। इस गर्मी के मौसम में खुद का और अपने परिवारजनों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों में चिड़चिड़ापन और रोना, शरीर का अत्यधिक गर्म महसूस होना, कम पेशाब आना या पेशाब का पीला पड़ना, उल्टी, घबराहट या पसीना आना शामिल है।
हीट स्ट्रोक के गंभीर संकेतों में सुस्ती, बेहोशी या दौरे पड़ना, बार-बार उल्टी और दस्त, त्वचा का सूखा या बहुत गर्म होना, 6 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब न होना, तेज सांस लेना और दिल की धड़कन बढ़ना आदि शामिल हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं, ओआरएस घोल या ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पिलाएं, गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करें। अगर स्थिति गंभीर लगे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हीट स्ट्रोक को शुरुआती चरण में पहचानकर तुरंत कार्रवाई की जाए तो इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, खूब पानी पिएं, नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें और भारी, तला-भुना भोजन न करें। साथ ही घर और कार्यालय को ठंडा रखने की कोशिश करें।
--आईएएनएस
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