×

गर्भावस्था में कब्ज से परेशान? जानिए इसके पीछे का कारण और आसान उपाय

 

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्भावस्था में कब्ज होना आम बात है, लेकिन कुछ महिलाओं को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ज्यादातर हार्मोनल बदलावों और शारीरिक दबाव की वजह से होता है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इस समस्या से राहत मिल सकती है।

गर्भावस्था के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है, जो आंतों की मांसपेशियों को ढीला कर देता है। इसके कारण भोजन को पचाने और मल को निकालने में समय ज्यादा लगता है। इसके अलावा, बढ़ते हुए गर्भाशय का पेट पर दबाव भी आंतों की गति को धीमा कर देता है। कुछ महिलाओं में लो-फाइबर डाइट, पर्याप्त पानी न पीना या बहुत ज्यादा कैफीन (कॉफी और चाय) लेना भी कब्ज की वजह बन सकता है। कई बार डॉक्टर द्वारा दिए जाने वाले आयरन टेबलेट भी कब्ज बढ़ा देते हैं।

अगर आहार में बदलाव किया जाए और पर्याप्त पानी पीया जाए, तो यह मदद कर सकता है। कोशिश करें कि दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं। अत्यधिक चाय या कॉफी से बचें, क्योंकि यह शरीर को डीहाइड्रेट कर सकती है और कब्ज बढ़ा सकती है। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शामिल करें, जैसे साबुत अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और ताजा सब्जियां। खाने को हमेशा ताजा और गर्म ही खाएं। हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या थोड़ी वॉक भी आंतों की गति को बढ़ाने में मदद कर सकती है।

इसके साथ ही शौचालय का समय नियमित करने की कोशिश करें। सुबह उठकर या खाने के बाद शौचालय जाना चाहिए। हालांकि आंतरिक दबाव डालने या जोर लगाने से बचें।

अगर घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता है, तो कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे भी मददगार हो सकते हैं। जैसे त्रिफला चूर्ण या अविपत्तिकर चूर्ण। 2 ग्राम त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ रात में सोने से पहले लिया जा सकता है। अविपत्तिकर चूर्ण भी दिन में दो बार 2 ग्राम की मात्रा में लिया जा सकता है। ये नुस्खे पाचन को सुधारते हैं और कब्ज से राहत दिलाने में कारगर हैं।

अगर मल त्याग के दौरान तेज दर्द हो, खून निकलने लगे या समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। कभी-कभी ये गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी