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Fatty Liver Symptoms: पुरुषों में दिख सकते हैं फैटी लिवर के ये 5 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

 

आजकल की बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से चर्चा में है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। शुरुआत में अक्सर इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ कुछ संकेत सामने आ सकते हैं।फैटी लिवर की समस्या पुरुषों और महिलाओं, दोनों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। पेट के आसपास चर्बी बढ़ना, लगातार थकान महसूस होना और पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, केवल इन संकेतों के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।

क्या कहते हैं डॉक्टर?

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अनुकल्प प्रकाश, डायरेक्टर-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सीके बिड़ला हॉस्पिटल के अनुसार, पेट के आसपास ज्यादा चर्बी जमा होना, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं फैटी लिवर का जोखिम बढ़ा सकती हैं। शराब का अधिक सेवन भी लिवर में वसा जमा होने का कारण बन सकता है।

समय रहते समस्या का पता चलने पर खानपान में सुधार, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित करके स्थिति में सुधार किया जा सकता है। आइए जानते हैं पुरुषों में दिखाई देने वाले ऐसे पांच संकेत, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

1. बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होना

अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपको लगातार थकान या ऊर्जा की कमी महसूस होती है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में लिवर से जुड़ी समस्याओं के दौरान भी थकान बनी रह सकती है।

अक्सर लोग इसे काम का तनाव या बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, लगातार थकान होने पर केवल फैटी लिवर को इसका कारण न मानें, बल्कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच करवाएं।

2. पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या असहजता

लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। फैटी लिवर से पीड़ित कुछ लोगों को इस हिस्से में हल्का दर्द, दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में पेट भरा-भरा लगने की शिकायत भी हो सकती है।

हालांकि, पेट में भारीपन या दर्द गैस, अपच और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकता है। यदि परेशानी लगातार बनी रहती है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

3. पेट और कमर के आसपास तेजी से बढ़ती चर्बी

पेट के आसपास चर्बी बढ़ना फैटी लिवर का जोखिम बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक है। मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण लिवर में वसा जमा होने की आशंका बढ़ सकती है।यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है या कमर का आकार बढ़ता जा रहा है, तो खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल और लिवर से संबंधित जांच करवाई जा सकती है।ध्यान रखें कि केवल पेट निकलने से यह साबित नहीं होता कि आपको फैटी लिवर है।

4. शरीर में कमजोरी और सुस्ती बने रहना

दिनभर सुस्ती महसूस होना, काम में मन न लगना और सामान्य गतिविधियों के दौरान भी कमजोरी लगना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। लिवर की बीमारी में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।यदि कमजोरी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य थकान समझकर टालने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। जांच के बाद ही इसके वास्तविक कारण का पता लगाया जा सकता है।

5. भूख कम लगना या जी मिचलाना

भूख में कमी, मतली और खाने के बाद असहजता लिवर की कुछ बीमारियों में हो सकती है। हालांकि, ये लक्षण फैटी लिवर के विशिष्ट संकेत नहीं हैं और पाचन तंत्र की अन्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं।अगर भूख लगातार कम लग रही है, बिना कोशिश के वजन घट रहा है या बार-बार मतली हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। आंखों या त्वचा में पीलापन, पेट में सूजन या तेज दर्द जैसे लक्षण होने पर जल्द चिकित्सा सहायता लें।

फैटी लिवर से बचाव के लिए क्या करें?

फैटी लिवर का जोखिम कम करने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं:

  • संतुलित भोजन करें और ज्यादा चीनी, मीठे पेय तथा अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।

  • नियमित रूप से पैदल चलें या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।

  • वजन अधिक है, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह से धीरे-धीरे वजन कम करें।

  • डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को नियंत्रित रखें।

  • शराब से परहेज करें, खासकर यदि लिवर से जुड़ी समस्या है।

  • बिना डॉक्टर की सलाह के लिवर को साफ करने वाले उत्पादों या सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल न करें।