Egg Freezing: बढ़ती उम्र में मां बनने की प्लानिंग कर रही हैं तो जानें एग फ्रीजिंग से जुड़ी जरूरी बातें
नई दिल्ली: आज के समय में कई महिलाएं करियर, व्यक्तिगत परिस्थितियों या भविष्य की योजनाओं के कारण कुछ साल बाद मां बनने का फैसला करती हैं। ऐसी स्थिति में एग फ्रीजिंग एक विकल्प के तौर पर चर्चा में आया है। इस प्रक्रिया में महिला के अंडाशय से परिपक्व अंडों को निकालकर उन्हें सुरक्षित तरीके से फ्रीज किया जाता है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।
हालांकि, एग फ्रीजिंग को भविष्य में गर्भधारण की गारंटी नहीं माना जाता। इसकी सफलता कई अलग-अलग कारकों पर निर्भर करती है।
किस उम्र में एग फ्रीजिंग पर विचार करना बेहतर हो सकता है?
महिला की उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या और उनकी गुणवत्ता में बदलाव आ सकता है। सामान्य तौर पर कम उम्र में फ्रीज किए गए अंडों की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना रहती है।
करीब 30 वर्ष की उम्र के आसपास एग फ्रीजिंग पर विचार करने से भविष्य के लिए अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प मिल सकता है। वहीं, 35 वर्ष के बाद यह फैसला महिला की व्यक्तिगत स्थिति, अंडों की संख्या और प्रजनन क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाता है।
40 वर्ष की उम्र में भी एग फ्रीजिंग संभव हो सकती है, लेकिन इस उम्र में पर्याप्त संख्या में अच्छे गुणवत्ता वाले अंडे प्राप्त होने की संभावना कम हो सकती है।
इसलिए एग फ्रीजिंग के लिए कोई एक उम्र सभी महिलाओं पर लागू नहीं होती। उम्र के साथ-साथ स्वास्थ्य, अंडाशय की स्थिति और भविष्य में गर्भधारण की योजना को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
एग फ्रीजिंग भविष्य में मां बनने की गारंटी नहीं
एग फ्रीज कराने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह समझना है कि इससे भविष्य में बच्चे के जन्म की पक्की गारंटी नहीं मिलती।
फ्रीज किए गए सभी अंडे भविष्य में इस्तेमाल के लिए सफलतापूर्वक काम आएं, यह जरूरी नहीं है। अंडे की गुणवत्ता, उनकी संख्या, महिला की उम्र और बाद में अंडों को निषेचित करने की प्रक्रिया समेत कई कारक अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
इसी वजह से इस प्रक्रिया को भविष्य की प्रेग्नेंसी की गारंटी के बजाय भविष्य के लिए प्रजनन विकल्प सुरक्षित रखने का एक तरीका माना जाता है।
एग फ्रीजिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया के दौरान दवाओं की मदद से अंडाशय में कई अंडों को विकसित किया जाता है। इस वजह से कुछ समय के लिए अंडाशय सामान्य से बड़े और संवेदनशील हो सकते हैं।
इस दौरान डॉक्टर आमतौर पर ऐसी गतिविधियों से बचने की सलाह दे सकते हैं, जिनमें शरीर पर ज्यादा दबाव पड़े। तेज दौड़ना, कूदना, भारी वजन उठाना और अचानक शरीर को मोड़ने वाली गतिविधियां कुछ समय के लिए सीमित करनी पड़ सकती हैं।
हल्की सैर या आसान शारीरिक गतिविधि कुछ महिलाओं के लिए संभव हो सकती है, लेकिन यह व्यक्ति की स्थिति और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
अंडे निकालने के बाद भी सावधानी जरूरी
अंडे निकालने की प्रक्रिया के आसपास शरीर को पर्याप्त आराम देना जरूरी हो सकता है। इस दौरान किसी भी तरह की परेशानी, तेज दर्द या असामान्य लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
व्यायाम दोबारा कब शुरू करना है, इसका फैसला भी अपनी स्थिति के अनुसार चिकित्सक की सलाह से करना बेहतर होता है।
फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से लें सलाह
एग फ्रीजिंग पर विचार कर रही महिलाओं को केवल उम्र देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अपनी वर्तमान प्रजनन क्षमता, अंडों की संख्या, स्वास्थ्य और भविष्य की परिवार नियोजन की जरूरतों को समझना जरूरी है।
इसके लिए प्रजनन विशेषज्ञ या आईवीएफ विशेषज्ञ से परामर्श लिया जा सकता है। विशेषज्ञ जांच के बाद यह समझने में मदद कर सकते हैं कि एग फ्रीजिंग किसी महिला के लिए कितना उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
एग फ्रीजिंग को लेकर सबसे जरूरी बात
एग फ्रीजिंग उम्र को रोकने या भविष्य में गर्भधारण की गारंटी देने वाली प्रक्रिया नहीं है। इसका उद्देश्य भविष्य के लिए अंडों को सुरक्षित रखने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
इसलिए अगर कोई महिला एग फ्रीजिंग के बारे में सोच रही है तो उसे अपनी उम्र, स्वास्थ्य, भविष्य की योजना और प्रजनन क्षमता को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।