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दिल की सेहत जांचने का आसान तरीका: बस 5 सवाल और पता चल जाएगा दिल की बीमारी का रिस्क

 

हममें से ज्यादातर लोग अपनी कार की सर्विस समय पर करवाने को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, लेकिन जब बात दिल की सेहत की आती है तो अक्सर तब ध्यान जाता है, जब कोई परेशानी सामने आ जाए। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कामकाजी लोगों की दिनचर्या भी काफी बदल गई है। घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना, लगातार तनाव में रहना, शारीरिक गतिविधि कम होना और नींद से समझौता करना अब आम बात हो गई है।

इसी वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर समय रहते सावधान रहना जरूरी हो गया है। हार्ट डिजीज का खतरा सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं माना जाता। हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और प्रीडायबिटीज जैसी समस्याएं कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रह सकती हैं।

यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजशेखर के मुताबिक, कामकाजी लोगों को समय-समय पर अपने हार्ट हेल्थ रिस्क फैक्टर्स का आकलन करना चाहिए। इसके लिए सिर्फ कुछ मिनट निकालकर अपनी रोजमर्रा की आदतों और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ सवालों पर गौर करना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।

10 मिनट निकालकर खुद से करें ये 5 सवाल

1. क्या पिछले एक साल में आपने अपना ब्लड प्रेशर चेक कराया है?
अगर लंबे समय से BP की जांच नहीं कराई है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी खास लक्षण के भी हो सकता है।

2. क्या आपने हाल में ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराया है?
फास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल जैसे टेस्ट शरीर में शुगर और कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी स्थिति को समझने में मदद कर सकते हैं।

3. क्या आप सप्ताह में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि करते हैं?
लगातार बैठे रहने वाली जीवनशैली से बचना जरूरी है। नियमित वॉक, एक्सरसाइज या दूसरी शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

4. क्या आपको रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद मिलती है?
नींद को अक्सर लोग काम के दबाव में नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अच्छी नींद स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

5. क्या आपके परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट डिजीज हुई है?
फैमिली हिस्ट्री भी हार्ट हेल्थ का आकलन करते समय महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। अगर परिवार में कम उम्र में किसी को दिल से जुड़ी बीमारी रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

छोटी-छोटी आदतें दिल के लिए बन सकती हैं मददगार

दिल को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की छोटी आदतों में सुधार भी महत्वपूर्ण हो सकता है। उदाहरण के लिए, जहां संभव हो वहां लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, लंबे समय तक लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में कुछ मिनट टहलना और रोजाना शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालना फायदेमंद हो सकता है।

इसी तरह मीठे और अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह फल, नट्स जैसे बेहतर विकल्प चुने जा सकते हैं। तनाव कम करने के लिए कुछ समय गहरी सांस लेने या रिलैक्सेशन एक्सरसाइज के लिए भी निकाला जा सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर में कोई परेशानी महसूस होने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर अपनी सेहत की जांच और जीवनशैली की समीक्षा करते रहना चाहिए। अगर BP, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल या परिवार में हार्ट डिजीज से जुड़ा कोई जोखिम है, तो डॉक्टर से उचित सलाह लेना बेहतर रहेगा।