×

सेहत बनाने का जुनून न बन जाए जानलेवा: जानिए कौन सी एक्सरसाइज बढ़ाती हैं हार्ट अटैक का रिस्क?

 

एक्सरसाइज शरीर को फिट और एक्टिव रखने के लिए जरूरी है, लेकिन बिना तैयारी के अचानक बहुत ज्यादा या तेज वर्कआउट करना कुछ लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। खासतौर पर जो लोग लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे शुरुआत करनी चाहिए। सही तरीके से किया गया वर्कआउट शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने में मदद करता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से बचना भी उतना ही जरूरी है।

अचानक ज्यादा मेहनत करने से बचें

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहा है और अचानक तेज दौड़ना, भारी वजन उठाना या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू कर देता है, तो शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ सकता है। ऐसे वर्कआउट के दौरान दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकते हैं।

अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने या गलत तकनीक के साथ एक्सरसाइज करने से भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए वर्कआउट की शुरुआत हल्की एक्सरसाइज और वार्म-अप से करें और धीरे-धीरे इसकी तीव्रता बढ़ाएं।

अगर आप पहली बार जिम जा रहे हैं या लंबे समय के बाद दोबारा एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं, तो शुरुआत में हल्की गतिविधियों को शामिल करना बेहतर होता है। शरीर को पर्याप्त समय देने से धीरे-धीरे आपकी फिटनेस और एक्सरसाइज करने की क्षमता बढ़ सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए

जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें तेज या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अधिक उम्र के लोगों और लंबे समय से एक्सरसाइज न करने वालों को भी धीरे-धीरे शुरुआत करनी चाहिए।

वेट ट्रेनिंग के दौरान सही तकनीक और अपनी क्षमता के अनुसार वजन चुनना जरूरी है। बहुत भारी वजन उठाते समय सांस रोकने से भी ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है।

अगर एक्सरसाइज के दौरान सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, चक्कर, अचानक कमजोरी, अत्यधिक थकान या दिल की धड़कन असामान्य महसूस हो, तो तुरंत एक्सरसाइज रोक दें और चिकित्सकीय मदद लें। ऐसे लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वार्म-अप और कूल-डाउन को न करें नजरअंदाज

एक्सरसाइज शुरू करने से पहले कुछ मिनट वार्म-अप करने से शरीर को वर्कआउट के लिए तैयार करने में मदद मिलती है। इसी तरह एक्सरसाइज खत्म करने के बाद अचानक रुकने के बजाय कुछ देर हल्की गतिविधि और स्ट्रेचिंग करना बेहतर हो सकता है।

शुरुआत करने वालों के लिए तेज चाल से पैदल चलना, हल्की साइकिलिंग या अपनी क्षमता के अनुसार सामान्य एरोबिक गतिविधियां अच्छे विकल्प हो सकते हैं। फिटनेस बढ़ने के साथ धीरे-धीरे वर्कआउट का समय और उसकी तीव्रता बढ़ाई जा सकती है।

ध्यान रखें कि हार्ट अटैक का खतरा केवल किसी एक एक्सरसाइज की वजह से तय नहीं होता। इसमें उम्र, स्वास्थ्य, फिटनेस और अन्य जोखिम कारकों की भी भूमिका होती है। इसलिए नियमित और संतुलित तरीके से एक्सरसाइज करें और किसी स्वास्थ्य समस्या या असामान्य लक्षण की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।