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माता-पिता से बच्चों में फैलता है Rheumatoid Arthritis? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स और कैसे करें बचाव

 

Rheumatoid Arthritis: अगर परिवार में किसी माता-पिता या भाई-बहन को रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या यह बीमारी बच्चों में भी पहुंच सकती है? क्या परिवार में किसी करीबी सदस्य को RA होने से अगली पीढ़ी का खतरा बढ़ जाता है? इसका जवाब है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस में जेनेटिक भूमिका जरूर होती है, लेकिन इसे पूरी तरह अनुवांशिक बीमारी नहीं माना जाता।

यानी अगर माता-पिता में से किसी एक को रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे को भी यह बीमारी निश्चित रूप से होगी। कुछ जीन्स व्यक्ति में इस बीमारी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं, लेकिन बीमारी विकसित होने में पर्यावरण, जीवनशैली और इम्यून सिस्टम से जुड़े कई अन्य कारक भी भूमिका निभाते हैं।

क्या परिवार से बच्चों में बढ़ सकता है RA का खतरा?

रूमेटाइड अर्थराइटिस एक मल्टीफैक्टोरियल ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें आनुवंशिक संवेदनशीलता और पर्यावरण से जुड़े कारक मिलकर बीमारी के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार को RA होने पर व्यक्ति में इसका जोखिम सामान्य आबादी की तुलना में बढ़ सकता है। लेकिन एक ही परिवार में समान जेनेटिक जोखिम रखने वाले सभी लोगों को यह बीमारी हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस में कौन से जीन्स महत्वपूर्ण हैं?

रिसर्च में RA से जुड़े कई जेनेटिक वेरिएंट की पहचान हुई है। इनमें HLA-DRB1 को महत्वपूर्ण जेनेटिक क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसके कुछ वेरिएंट को 'शेयर्ड एपिटोप' कहा जाता है, जिनका संबंध इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया और खासकर सीरोपॉजिटिव रूमेटाइड अर्थराइटिस के जोखिम से पाया गया है।

हालांकि, सिर्फ किसी विशेष जीन का मौजूद होना बीमारी होने की गारंटी नहीं देता। बीमारी के पीछे कई जेनेटिक और गैर-जेनेटिक कारकों का आपसी प्रभाव हो सकता है।

माता-पिता को RA हो तो बच्चे का रिस्क कितना बढ़ता है?

इसका कोई एक निश्चित प्रतिशत हर परिवार पर लागू नहीं किया जा सकता। एक बड़ी पॉपुलेशन-बेस्ड स्टडी में फर्स्ट-डिग्री रिलेटिव यानी माता-पिता, भाई-बहन या संतान में RA होने पर सीरोपॉजिटिव रूमेटाइड अर्थराइटिस का रिलेटिव रिस्क लगभग 4.52 गुना पाया गया था। लाइफस्टाइल फैक्टर्स को ध्यान में रखने के बाद भी यह आंकड़ा करीब 4.49 गुना रहा।

लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए। 4.5 गुना ज्यादा रिलेटिव रिस्क का मतलब यह नहीं है कि माता-पिता को RA होने पर बच्चे के बीमार होने की 4.5 में से 1 संभावना है। रिलेटिव रिस्क और किसी व्यक्ति के वास्तविक यानी एब्सोल्यूट रिस्क अलग-अलग चीजें हैं।

क्या सिर्फ जीन्स की वजह से हो जाती है बीमारी?

नहीं। अगर केवल जीन्स ही रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए जिम्मेदार होते, तो समान जेनेटिक मटीरियल वाले आइडेंटिकल ट्विन्स में बीमारी हमेशा दोनों को होती। लेकिन ऐसा नहीं देखा जाता।

यही कारण है कि RA को जेनेटिक संवेदनशीलता और पर्यावरणीय कारकों के बीच जटिल संबंध वाली बीमारी माना जाता है।

स्मोकिंग से बढ़ सकता है जोखिम

रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए स्मोकिंग एक अच्छी तरह स्थापित पर्यावरणीय जोखिम कारक माना जाता है। कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि जिन लोगों में कुछ जेनेटिक जोखिम मौजूद हैं, उनमें स्मोकिंग RA के जोखिम को और प्रभावित कर सकती है।

इसलिए अगर परिवार में रूमेटाइड अर्थराइटिस की हिस्ट्री है, तो धूम्रपान से बचना खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है।

परिवार में RA है तो क्या करें?

अगर परिवार में किसी करीबी सदस्य को रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो केवल इस वजह से घबराने की जरूरत नहीं है। जेनेटिक रिस्क को बदला नहीं जा सकता, लेकिन कुछ पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित किया जा सकता है।

जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, गर्माहट या खासकर सुबह के समय लंबे समय तक अकड़न जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। समय पर जांच और इलाज से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष: रूमेटाइड अर्थराइटिस में जेनेटिक कंपोनेंट जरूर होता है और परिवार में बीमारी होने से जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन यह ऐसी बीमारी नहीं है जो माता-पिता से बच्चों में निश्चित रूप से ट्रांसफर हो जाए। जीन्स के साथ पर्यावरण और अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।