क्या आप भी लेते हैं दर्द या खून बहना रोकने की दवा? इन 3 Medicines को लेकर जारी हुआ Safety Alert
शरीर में दर्द का ज़रा सा भी एहसास होते ही लोग अक्सर पेनकिलर खरीदने के लिए फ़ार्मेसी भागते हैं। महिलाओं में ज़्यादा ब्लीडिंग को रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी बहुत आम हैं। हालाँकि, अगर आपको हर छोटी-मोटी बीमारी के लिए गोली लेने की आदत है, तो सावधान होने का समय आ गया है। नागालैंड स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और आम जनता के लिए तीन ज़्यादा बिकने वाली दवाओं के बारे में ज़रूरी अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट कुछ मरीज़ों में दवाओं के बुरे असर (एडवर्स ड्रग रिएक्शन) की रिपोर्ट के बाद जारी किया गया है। विभाग ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ़ को साफ़ तौर पर निर्देश दिया है कि वे इन दवाओं को लिखते या देते समय बहुत सावधानी बरतें।
किन तीन दवाओं के बारे में अलर्ट जारी किया गया है?
नागालैंड स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ये तीनों दवाएं बहुत आम हैं, फिर भी हाल ही में इनसे जुड़े असामान्य साइड इफ़ेक्ट सामने आए हैं।
1. ट्रैनेक्सैमिक एसिड (Tranexamic Acid): यह दवा खून का थक्का जमाने और ब्लीडिंग रोकने में मदद करती है। इसे सर्जरी के दौरान, पीरियड्स में ज़्यादा ब्लीडिंग होने पर या चोट लगने के बाद दिया जाता है। हालाँकि, हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ मरीज़ों को इसे लेने के बाद पीठ के निचले हिस्से में तेज़ दर्द का अनुभव हुआ।
2. इबुप्रोफेन (Ibuprofen): यह एक जानी-मानी पेनकिलर है, जिसका इस्तेमाल अक्सर सिरदर्द, दांत दर्द, शरीर के दर्द या बुखार के लिए किया जाता है। हालाँकि, कुछ मामलों में मरीज़ों की त्वचा पर लाल चकत्ते और काले धब्बे हो जाते हैं - इस स्थिति को मेडिकल भाषा में "फिक्स्ड ड्रग इरप्शन" कहा जाता है।
3. एसिक्लोफेनाक (Aceclofenac): यह टैबलेट आमतौर पर जोड़ों के दर्द, गठिया और सूजन से राहत पाने के लिए लिखी जाती है। इबुप्रोफेन की तरह ही, कुछ लोगों को इसे लेने के बाद अचानक एलर्जिक रिएक्शन, लाल धब्बे और त्वचा पर खुजली का अनुभव हुआ।
केंद्र सरकार की रिपोर्ट के बाद लिया गया फ़ैसला
यह फ़ैसला नागालैंड सरकार ने अचानक नहीं लिया; यह चेतावनी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI) और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (CDSCO) की रिपोर्ट पर आधारित है। फ़ार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम पूरे देश में दवाओं के असर पर नज़र रखता है। यह सर्कुलर तब जारी किया गया जब अलग-अलग जगहों से इन दवाओं से जुड़े साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट मिलीं।
इबुप्रोफेन के संभावित साइड इफ़ेक्ट क्या हैं?
कुछ मामलों में, इबुप्रोफेन लेने के बाद लाल चकत्ते, खुजली, एलर्जिक रिएक्शन या 'फिक्स्ड ड्रग इरप्शन' जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। अगर कोई असामान्य लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
नोएडा के यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. प्रखर गर्ग का कहना है कि इस खबर से घबराने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है। डॉ. गर्ग के अनुसार, इन दवाओं का इस्तेमाल सालों से हो रहा है और ये बहुत असरदार हैं। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और हो सकता है कि कोई खास दवा हर किसी को सूट न करे। इस अलर्ट का मकसद डर फैलाना नहीं, बल्कि डॉक्टरों और मरीज़ों को सावधान करना है ताकि गंभीर नुकसान से बचा जा सके। डॉ. गर्ग सलाह देते हैं कि अगर ट्रैनेक्सैमिक एसिड (Tranexamic Acid) लेने के बाद अचानक पीठ में तेज़ दर्द हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसी तरह, अगर इबुप्रोफेन (ibuprofen) या एसिक्लोफेनाक (aceclofenac) लेने के बाद आपके चेहरे या शरीर पर लाल धब्बे, छाले या गहरे रंग के निशान दिखाई दें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
तुरंत डॉक्टर से सलाह लें अगर:
आपकी त्वचा पर लाल धब्बे फैलने लगें
सांस लेने में दिक्कत हो
चेहरे, होंठ या आंखों के आसपास सूजन आ जाए
पीठ के निचले हिस्से या पीठ में अचानक तेज़ दर्द शुरू हो जाए
शरीर पर गहरे रंग के निशान दिखाई दें
दवा लेने के बाद तेज़ी से एलर्जी की प्रतिक्रिया (रिएक्शन) हो
मरीज़ों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
दवाओं के बुरे असर से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखें:
खुद से दवाएं न खरीदें: बिना डॉक्टर की पर्ची के सीधे फार्मेसी से पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) मांगने और लेने की आदत छोड़ दें।
खुद से दवा शुरू या बंद न करें: अगर दवा से कोई समस्या हो, तो घबराएं नहीं और खुद से कोई दूसरा इलाज न करें; इसके बजाय, उस डॉक्टर से सलाह लें जिसने दवा लिखी थी। पुरानी एलर्जी के बारे में बताएं: अगर पेनकिलर लेने के बाद कभी खुजली या रैशेज़ हुए हों, तो डॉक्टर से पर्ची बनवाते समय उन्हें ज़रूर बताएं।
खाली पेट पेनकिलर न लें: खाली पेट पेनकिलर लेने से पेट और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही, दिन भर खूब पानी पिएं।
दवाएं तकलीफ कम करने के लिए होती हैं, लेकिन इनके गलत इस्तेमाल से गंभीर नतीजे हो सकते हैं। इसलिए, अगर आपको कोई असामान्य लक्षण दिखे, तो खुद इलाज करने की कोशिश करने के बजाय तुरंत सही डॉक्टरी सलाह लें।