पित्त की थैली की पथरी को न करें नजरअंदाज: शरीर में दिखें ये 5 लक्षण तो तुरंत कराएं जांच
आज के समय में पथरी की समस्या काफी आम हो गई है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में पथरी हो सकती है, जिसमें पित्त की थैली यानी गॉल ब्लैडर में पथरी होना भी शामिल है। पित्त की थैली लिवर के नीचे मौजूद एक छोटा-सा अंग है, जिसमें लिवर द्वारा बनाया गया पित्त जमा रहता है।
नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट-गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अमित कुमार संघी के मुताबिक, कई लोगों में गॉल ब्लैडर स्टोन होने के बावजूद किसी तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसी पथरी को साइलेंट गॉलस्टोन कहा जाता है और हर मामले में इसके इलाज की जरूरत नहीं होती।
हालांकि, जब पथरी पित्त के सामान्य प्रवाह को रोकने लगती है, तब परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पित्त की थैली में पथरी के प्रमुख लक्षण
1. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द
गॉल ब्लैडर स्टोन का सबसे सामान्य लक्षण पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द होना है। यह दर्द अचानक शुरू हो सकता है और कुछ मामलों में काफी तेज या लगातार बना रह सकता है।
2. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
कुछ लोगों को पेट के ऊपरी मध्य हिस्से में भी दर्द महसूस हो सकता है। यह समस्या खासतौर पर भारी या तला-भुना खाना खाने के बाद महसूस हो सकती है। कई बार दर्द पीठ या दाहिने कंधे तक भी फैल सकता है।
3. मतली और उल्टी
पित्त की थैली में पथरी होने पर दर्द के साथ मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है। हालांकि, सिर्फ गैस, अपच या पेट दर्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को गॉलस्टोन ही है। इन लक्षणों के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
कब खतरनाक हो सकती है पित्त की पथरी?
अगर पथरी पित्त की नली को ब्लॉक कर देती है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इससे पीलिया हो सकता है। इसमें आंखों का सफेद हिस्सा या त्वचा पीली दिखाई दे सकती है और पेशाब का रंग गहरा हो सकता है। कुछ मामलों में मल का रंग भी सामान्य से हल्का हो सकता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर पेट दर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना जरूरी है:
- पेट में कई घंटों तक लगातार दर्द रहना
- बार-बार पेट दर्द होना
- बुखार या ठंड लगना
- लगातार उल्टी होना
- त्वचा या आंखों का पीला पड़ना
- अचानक या बहुत तेज पेट दर्द होना
ऐसे लक्षण पित्त की थैली में सूजन या इंफेक्शन जैसी जटिलताओं का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।